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भारत में बने शक्तिशाली इंजन WAG- 12 से दौड़ेगी रायपुर मंडल की मालगाडिय़ा : रफ्तार होगी ऐसी

By @dmin
Published: July 31, 2020
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Raipur division's goods trains will run with the powerful engine made in India WAG 12: speed will be like this
Raipur division's goods trains will run with the powerful engine made in India WAG 12: speed will be like this
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रायपुर। रायपुर मंडल में पहली बार डब्ल्यूएजी-12 श्रेणी के विद्युत लोकोमोटिव से मालगाडिय़ों का परिचालन किया जाएगा। यह भारतीय रेलवे के पास उपलब्ध सभी विद्युत लोकोमोटिवो में सबसे शक्तिशाली लोकोमोटिव है जिसे की भारतीय रेलवे एवं एल्सटॉम के द्वारा संयुक्त रूप से ‘मेक इन इण्डिया’ पहल के अन्तर्गत विकसित किया गया है। डब्ल्यूएजी डब्ल्यूएजी-12 श्रेणी लोकोमोटिव 12000 होर्स पावर की शक्ती प्रदान करता है जो की वर्तमान में भारतीय रेल में परिचालनरत डब्ल्यूएजी- 9 लोकोमोटिव से दुगुना है। इस तीन फेस लोकोमोटिव के दो यूनिट है, जिसके प्रत्येक यूनिट में ट्विन बो-बो प्रकार की बोगियां है तथा उनमें 08 ट्रेक्शन मोटर 08 एक्सलो पर स्थापित हैं। इन लोकोमोटिवों के इस प्रकार की संरचना के कारण ही इन लोकोमोटिव का ना केवल कार्य निष्पादन अन्य लोकोमोटिव की तुलना में अत्याधिक उन्नत है, बल्की ऊर्जा का व्यय एव अनुरक्षण का खर्च भी कम है।

Contents
  • ऊंचे स्थलों पर 6000 टन भार खींच सकता है यह
  • रिजेनेरेटिव ब्रेकिंग कि सुविधा
  • कर्मियों को दिया गया ऑनलाइन प्रशिक्षण

लोकोमोटिव के दोनों यूनिटों के अंतिम दोनों छोर पर एक एक प्रचालन कैब स्थित हैं। चालक को इस किसी एक छोर पर स्थित कैब से लोकोमोटिव का प्रचालन करना रहता है एवं वे इसी कैब से लोकोमोटिव का नियंत्रण एवं त्रुटी निवारण दोनों ही करा सकते हैं। यदि किसी एक यूनिट में किसी प्रकार की त्रुटी अनुभूत की जाती है तो उसे पृथक करा के भी दूसरे यूनिट के माध्यम से प्रचालन जारी रखा जा सकता है। इन लोकोमोटिव की इस विशेषता के कारण ही लोकोमोटिव की विफलता के कारण मध्य खंड में होने वाले विलम्ब की घटनाएं बहुत ही कम हो जाती है।

ऊंचे स्थलों पर 6000 टन भार खींच सकता है यह

यह अत्याधिक शक्तिशाली इंजन 1:150 तीव्रता वाली चढाईयों में 6000 टन भार को खींच सकता है। इसकी इस विशेषता के कारण अत्याधिक भार वाली गाडियों के चढाईयों में फंस जाने की संभावना भी क्षीण हो जाएंगी। इनके अतिरिक्त इस लोकोमोटिव में 1000 लीटर क्षमता वाले दो मेन रिस्रावायर हैं जो की लॉन्ग हौल ट्रेनों को कार्य करते समय प्रेशर का स्तर बनाए रखने में अत्याधिक सहायक हैं।

रिजेनेरेटिव ब्रेकिंग कि सुविधा

इस लोकोमोटिव में रिजेनेरेटिव ब्रेकिंग कि सुविधा है, सभी हार्डवेयर एवं कण्ट्रोल को परिदार्शित करने वाली ड्राईवर डिस्प्ले यूनिट है एवं आद्रता, धुल युक्त वातावरण एवं अत्याधिक गर्म वातावरण में प्रचालन हेतु विशेष प्रावधान हैं7 इसकी अधिकतम प्रचालन गति 100 कि.मी प्रति घंटा है जिसे की 120 कि.मी प्रति घंटा तक अद्यतन किया जा सकता हैं। इस लोकोमोटिव की उपरोक्त विशेषताओं के कारण यह लोकोमोटिव माल वाहन की क्षमता बढ़ाकर, मध्य खंड कि विफलताओं को कम कर, ट्रेनों की गति को बढाकर एवं ऊर्जा संरक्षण के द्वारा निश्चय ही भारतीय रेल के कार्य निष्पादन में उन्नति लाएगा।

कर्मियों को दिया गया ऑनलाइन प्रशिक्षण

इन ट्रेनों को कार्य करने हेतु, विद्युत् (परिचालन) विभाग के निरीक्षकों एवं चलाकर्मियों को लॉक डाउन अवधि में रेलवे बोर्ड द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है। वत्र्तमान में ये कर्मी बीएमवाई में एक दिन का प्रायोगिक प्रशिक्षण करा रहें है। क्योंकि भविष्य में 800 ऐसे लोकोमोटिव का प्रचालन हेतु प्राप्त होना संभावित है, भविष्य में और अधिक चलकर्मियों को इन लोको का प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे की वे मंडल में इन लोकोमोटिव का प्रचालन कर सकें।

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