रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आस्था और कला का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। शहर के गुढ़ियारी इलाके में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्म शास्त्री दिव्य दरबार लगाएंगे। इस दरबार में बाबा बागेश्वर हनुमंत कथा सुनाएंगे. इसको लेकर तैयारियां तेज हो गई है। बाबा बागेश्वर का दिव्य दरबार 4 अक्टूबर से शुरू होगा और यह 8 अक्टूबर तक चलेगा। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के हनुमंत कथा के लिए आयोजकों की तरफ से तैयारी की जा रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसमें लाखों लोगों की भीड़ जुटेगी।
समाज सेवी चंदन-बसंत अग्रवाल के नेतृत्व में ‘स्व. पुरषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन’ के तत्वावधान में यह आयोजन किया जा रहा है। तैयारियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 14 सितंबर को कार्यक्रम कार्यालय का पूजन-अर्चन के साथ शुभारंभ किया गया। मुख्य आयोजक बसंत अग्रवाल ने बताया कि यह कार्यालय आयोजन की सभी व्यवस्थाओं का केंद्र बिंदु होगा। यहां से पंडाल, भंडारा, सुरक्षा, यातायात और लाखों भक्तों के बैठने जैसी व्यवस्थाओं का संचालन और समन्वय किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में सर्व समाज के प्रतिनिधि, वरिष्ठजन और भक्तगण उपस्थित रहे।

व्यवस्थाओं को लेकर हुई मीटिंग
कार्यालय उद्घाटन के बाद आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तृत बैठक हुई. बैठक में पंडाल निर्माण, भोजन (भंडारा), जल, सुरक्षा, यातायात और बैठने जैसी सुविधाओं पर चर्चा की गई। सभी सेवादारों को उनकी योग्यतानुसार जिम्मेदारियां सौंपी गईं, ताकि आयोजन में किसी तरह की कोई कमी न हो सके। आयोजक बसंत अग्रवाल का कहना है कि यह हम सभी छत्तीसगढ़वासियों का परम सौभाग्य है कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रायपुर आ रहे हैं। उनका आगमन प्रदेश के लिए किसी आध्यात्मिक महोत्सव से कम नहीं है। हमारा संकल्प है कि कथा सुनने के लिए आने वाले प्रत्येक भक्त को सहज, सुरक्षित और दिव्य अनुभव प्राप्त हो।
समाज के सभी वर्गों का मिल रहा समर्थन
बसंत अग्रवाल ने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है। अब आयोजन की तैयारियां तेज हो गई है। कार्यालय का शुभारंभ होने से हमें कई तरह की सहूलियत हो गई है। शुभारंभ अवसर पर महेश शर्मा, विनोद अग्रवाल, श्रवण शर्मा, वीरेंद्र पारख, डॉ. विकाश अग्रवाल, हेमंत साहू, आजाद गुर्जर, रमेश बंसल, पुष्पेंद्र उपाध्याय, जगदेव अग्रवाल, सतनारायण स्वामी, मोहन उपरकार सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।




