ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: प्रणब की किताब में दावा- भारत में विलय चाहता था नेपाल, मगर नेहरू ने ठुकराया था प्रस्ताव
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNationalPolitics

प्रणब की किताब में दावा- भारत में विलय चाहता था नेपाल, मगर नेहरू ने ठुकराया था प्रस्ताव

By @dmin
Published: January 6, 2021
Share
प्रणब मुखर्जी की आत्मकथा का अंश: मेरे राष्ट्रपति बनने के बाद कांग्रेस राजनीतिक दिशा से भटक गई
प्रणब मुखर्जी की आत्मकथा का अंश: मेरे राष्ट्रपति बनने के बाद कांग्रेस राजनीतिक दिशा से भटक गई
SHARE

नई दिल्ली (एजेंसी)। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। प्रणब मुखर्जी ने दावा किया है कि नेहरू ने नेपाल को भारत में विलय करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपनी बहुचर्चित ऑटोबायोग्राफी ‘द प्रेसिडेंशियल ईयर्स’ में दावा किया है कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने नेपाल के भारत में विलय करने के राजा त्रिभुवन बीर बिक्रम शाह के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी जगह इंदिरा होतीं तो शायद ऐसा नहीं करतीं।

ऑटोबायोग्राफी ‘द प्रेसिडेंशियल ईयर्स’ के चैप्टर 11 ‘माई प्राइम मिनिस्टसर्: डिफरेंट स्टाइल्स, डिफरेंट टेम्परमेंट्स’ शीर्षक के तहत प्रणब मुखर्जी ने लिखा है कि राजा त्रिभुवन बीर बिक्रम शाह ने नेहरू को यह प्रस्ताव दिया था कि नेपाल का भारत में विलय कर उसे एक प्रांत बना दिया जाए, मगर तब तत्कालीन प्रधानमंत्री ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।
उन्होंने अपनी किताब में लिखा, ‘नेहरू ने बहुत कूटनीतिक तरीके से नेपाल से निपटा। नेपाल में राणा शासन की जगह राजशाही के बाद हरू ने लोकतंत्र को मजबूत करने अहम भूमिका निभाई। दिलचस्प बात यह है कि नेपाल के राजा त्रिभुवन बीर बिक्रम शाह ने नेहरू को सुझाव दिया था कि नेपाल को भारत का एक प्रांत बनाया जाए। लेकिन नेहरू ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। उनका कहना है कि नेपाल एक स्वतंत्र राष्ट्र है और उसे ऐसा ही रहना चाहिए। वह आगे लिखते हैं कि अगर इंदिरा गांधी उनकी जगह होतीं, तो शायद वह अवसर का फायदा उठातीं, जैसा कि उन्होंने सिक्किम के साथ किया था।
भारत के पूर्व प्रधानमंत्रियों और राष्ट्रपतियों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने किताब में उल्लेख किया है कि प्रत्येक पीएम की अपनी कार्यशैली होती है। लाल बहादुर शास्त्री ने ऐसे पद संभाले जो नेहरू से बहुत अलग थे। उन्होंने लिखा कि विदेश नीति, सुरक्षा और आंतरिक प्रशासन जैसे मुद्दों पर एक ही पार्टी के होने पर पर भी प्रधानमंत्रियों के बीच अलग-अलग धारणाएं हो सकती हैं।
गौरतलब है कि उन्होंने यह पुस्तक पिछले साल अपने निधन से पहले लिखी थी। रूपा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक मंगलवार को बाजार में आई है। अब इसे लेकर दिवंगत नेता के बच्चों में मतभेद उभर आए हैं। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने मंगलवार को पब्लिकेशन हाउस से किताब का प्रकाशन रोकने को कहा। उन्होंने कहा कि वह एक सामग्री को देखना और अप्रूव करना चाहते हैं। इस बीच उनकी बहन और कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि उनके पिता किताब को अप्रूव कर चुके थे। साथ ही उन्होंने अभिजीत को सस्ती लोकप्रियता से बचने की नसीहत दी है।

आयुष्मान भारत गुणवत्त स्वास्थ्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ की टीम का सम्मान
बच्चों में शैक्षिक नेतृत्व क्षमता और वैज्ञानिक सोच विकसित करें: डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम
वर्ल्ड ब्लड डोनर डे के अवसर पर के.पी. न्यूज के पत्रकार सीमांत कश्यप, सचिन मोरे का सम्मान
देहरादून की रहने वाली युवती की तेलीबांधा तालाब में तैरती मिली लाश, जांच में जुटी पुलिस
CG Corona : सक्रिय मरीजों की संख्या 3000 के पार, पॉजिटिविटी दर बढ़कर 13 फीसदी के पार
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article इसरों के वैज्ञानिक का सनसनीखेज आरोप, तीन साल में तीन बार मारने की हुई कोशिश, जांच की मांग की इसरों के वैज्ञानिक का सनसनीखेज आरोप, तीन साल में तीन बार मारने की हुई कोशिश, जांच की मांग की
Next Article कोरोना से तत्परता से लड़ेंगे भी और जीतेंगे भी : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चाहे कितनी भी बाधा डाले केंद्र, छत्तीसगढ़ में बंद नहीं होगी राजीव गांधी न्याय योजना : मुख्यमंत्री बघेल

Ro.No.-13848/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?