रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारी व जवानों को अब वर्दी में रील्स बनाना भारी पड़ेगा। छत्तीसगढ़ पुलिस की विशेष शाखा ने रील्स बनाने को लेकर सख्त नियम बनाएं हैं। पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रील या वीडियो शेयर नहीं कर पाएंगे। सोशल मीडिया पर जो भी पोस्ट करेंगे, उसमें एक सरकारी कर्मचारी के आचरण के संबंध में जो नियम बनाए गए हैं, उसका ध्यान रखेंगे। यही नहीं सिविल ड्रेस में भी यदि कोई पोस्ट करेंगे तो यह स्पष्ट करना होगा कि यह उनका व्यक्तिगत पोस्ट है और इससे विभाग को लेना-देना नहीं है।

छत्तीसगढ़ पुलिस की विशेष शाखा ने पहली बार सोशल मीडिया के उपयोग के संबंध में एक परिपत्र जारी किया है। इसमें सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के लिए यह स्पष्ट किया गया है कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल किस तरह करेंगे। विभाग ने 12 बिंदुओं पर दिशानिर्देश जारी किए हैं। जिसका परिपालन सुनिश्चित करने कहा गया है। पुलिस विभाग का मानना है कि वर्दी या उसका कोई भाग पहनकर मनोरंजक रील शेयर करना गरिमा के खिलाफ है. साथ ही, भाषा शैली भी ऐसी होनी चाहिए जिसमें विभाग की गरिमा और अनुशासन बना रहे।
बता दें कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी वर्दी में कई तरह की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करते हैं। कई ऐसे भी हैं जो नियमित रूप से रील पोस्ट करते हैं। एक और खास बात यह है कि पुलिस अधिकारी कर्मचारी कोई भी विभागीय दस्तावेज बिना अनुमति के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट नहीं कर सकेंगे। कुछ दिन पहले एक इंस्पेक्टर की विदाई में ढोल ताशे के साथ सड़क पर जुलूस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसी प्रकार कुछ अधिकारी पारिवारिक कार्यक्रम में वर्दी में डांस करते हुए भी वीडियो पोस्ट करते रहते हैं। इस तरह की वीडियो से पुलिस की गरीमा को ठेस पहुंचती है।






