नईदिल्ली (एजेंसी)। नए संसद भवन के निर्माण के लिए गुरुवार को शिलान्यास कार्यक्रम हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधिवत तौर पर इसका भूमि पूजन किया और फिर आधारशिला रखी। इस कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद सहित कई मंत्री शामिल हुए। वहीं उद्योगपति रतन टाटा और विदेशी राजदूत भी मौजूद रहे। चार मंजिला नए संसद भवन का निर्माण 971 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 64500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में किया जाएगा। नया संसद भवन भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ यानी 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा।
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं अपने जीवन में वो क्षण कभी नहीं भूल सकता जब 2014 में पहली बार एक सांसद के तौर पर मुझे संसद भवन में आने का अवसर मिला था। अब हम भारत के लोग मिलकर अपनी संसद के इस नए भवन को बनाएंगे। इससे सुंदर क्या होगा, इससे पवित्र क्या होगा कि जब भारत अपनी आजादी के 75 वर्ष का पर्व मनाए, तो उस पर्व की साक्षात प्रेरणा, हमारी संसद की नई इमारत बने।
पीएम मोदी ने कहा हमारे वर्तमान संसद भवन ने आजादी के आंदोलन और फिर स्वतंत्र भारत को गढऩे में अहम भूमिका निभाई है। आजाद भारत की पहली सरकार का गठन भी यहीं हुआ और पहली संसद भी यहीं बैठी। आज का दिन बहुत ही ऐतिहासिक है। पुराने संसद भवन ने स्वतंत्रता के बाद के भारत को दिशा दी तो नया भवन आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का गवाह बनेगा। पुराने संसद भवन में देश की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए काम हुआ, तो नए भवन में 21वीं सदी के भारत की आकांक्षाएं पूरी की जाएंगी।
पीएम मोदी ने कहा 21वीं सदी की दुनिया भारत को अहम लोकतांत्रिक ताकत के रूप में आगे बढ़ते देख रही है। लोकतंत्र के इस मंदिर में इसका कोई विधि-विधान भी नहीं है। इस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा करेंगे इसमें चुनकर आने वाले जन-प्रतिनिधि। उनका समर्पण, उनका सेवा भाव, इस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा करेगा। उनका आचार-विचार-व्यवहार, इस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा करेगा। अंत में पीएम मोदी ने कहा कि हमें संकल्प लेना है हम सिर्फ और सिर्फ भारत की उन्नति, भारत के विकास को ही अपनी आराधना बना लें।
पीएम मोदी ने नए संसद भवन का किया भूमिपूजन, कहा- नया संसद भवन आत्मनिर्भर भारत का गवाह बनेगा




