भिलाई। 14 वें आदिवासी युवा विनिमय कार्यक्रम शुक्रवार को बीएसएफ की पहल पर आदिवासी युवक युवतियों का जत्था चंडीगढ़ के लिए रवाना हुआ। इन युवक-युवतियों को रवाना करने से पहले बीएसएफ के सीमांत मुख्यालय रिसाली में प्रेस बीफ हुई। इस दौरान आदिवासी युवक युवतियों ने खुलकर बात की। इनमें कई ऐसे भी हैं जो कांकेर जिला मुख्यालय तक कभी नहीं पहुंच पाए। यानि जंगल में रह रहे थे। अब बीएसएफ की पहल पर चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए।

बता दें नेहरू युवा केन्द्र संगठन, नई दिल्ली (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार) एवं गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वाधान मे 14 वां आदिवासी युवा विनिमय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में कांकेर जिले में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के इलाके से इस वर्ष कुल 14 भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है, जिसमें 290 युवक एवं युवतियों को भारत भ्रमण कराया जाएगा।
इसी के तहत कांकेर जिले के अति दुर्गम एवम् पिछड़े नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से आए युवक एवं युवतियों के द्वितीय जत्थे को सीमा सुरक्षा बल सामरिक मुख्यालय छत्तीसगढ़ के महानिरीक्षक इंदराज सिंह ने दुर्ग रेलवे स्टेशन के.लिए रवाना किया। आदिवासी युवक एवं युवतियां ट्रेन से चंडीगढ़ के लिए रवाना होंगे। इस जत्थे में 10 लड़कियां एवं 10 लड़कों सहित सीमा सुरक्षा बल के सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं। चंडीगढ़ में यह टीम विभिन्न राज्यों के अन्य आदिवासी युवाओं से मिलकर अन्य राज्यों की संस्कृति से रूबरू होगी। इस मौके पर उपमहानिरीक्षक (इंटेलीजेंस) दिनेश मुर्मू ने आदिवासी युवक एवं युवतियों से संवाद किया एवं उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत आदिवासी युवक एवं युवतियों को उनके उज्ज्वल भविष्य तथा अधिकार के बारे में उचित व उपयुक्त जानकारी प्रदान की जायेगी। साथ ही साथ अन्य राज्यों से भाग लेने वाले युवक-युवतियों के बीच मेल-मिलाप बढ़ेगा। जिससे वे एक-दूसरे की खान-पान, रहन-सहन, सांस्कृतिक गतिविधियाँ एवं वेशभूषा से रूबरू होंगे। इस कार्यक्रम में सभी राज्यों के स्थानीय लोक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जायेगी। साथ ही चंडीगढ़ के प्रसिद्ध,.दर्शनीय एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।




