भिलाई। पहले हम उद्यमी अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए जाने पहचाने उद्यम तलाशते थे। यह पूछते थे कि कौन से उद्यम में पैसा लगाएं जो चलन में है और जहां ज्यादा पैसे मिल रहे हैं। अब हम आइडिया में पैसा लगाते हैं। कौन सा ऐसा उद्यम करें जो बिल्कुल नया हो और जिसमें असीम संभावनाएं हों। एक्सपोर्ट को इसी लिए हम लोग आजमा रहे हैं और इसमें सफलता मिल रही है। यह बात एक्सपोर्ट कान्क्लेव के दौरान उद्यमियों ने कही।
उद्यमियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ क्षेत्र में एक्सपोर्ट की संभावनाएं केवल स्टील को लेकर नहीं हैं। यहां वनोपजों को लेकर और इसकी प्रोसेसिंग को लेकर बहुत सी संभावनाएं हैं। उद्यमी इस क्षेत्र में निवेश करें तो इसकी बड़ी संभावनाएं बनेंगी। उद्यमियों ने कुम्हारी क्षेत्र में इंडस्ट्रियल कारिडोर आरंभ करने के निर्णय की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में ग्रोथ के लिए सबसे बड़ी बात यह है कि आपका मानव संसाधन नजदीक से आये। छत्तीसगढ़ में अभी मुंबई और गुडग़ांव जैसे हालात नहीं हैं कि लोग दूर से चलकर आएं। वे घर के निकट ही अच्छे रोजगार के अवसर चाहते हैं। इसके मुताबिक शहर के पास ऐसा कारिडोर उपयोगी होता है। दुर्ग में औद्योगिक स्थिति की जानकारी उप महाप्रबंधक सीमोन एक्का ने दी।
कान्क्लेव के बारे में विस्तार से जानकारी उप संचालक संजय गजघाटे, सहायक संचालक लोकपाल खांडेकर ने दिया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में केके झा, अजय भसीन, कल्पतरू बेहरा, सत्यनारायण अग्रवाल, मलय जैन, स्वामीनाथन, विनोद जैन, अरविंदर सिंह खुराना, श्री यश शुक्ला, श्री रामभगत अग्रवाल, केएस बेदी, अतुल चंद साहू, नवीन अग्रवाल, सोमेंद्र विद्या, एस दीपिका एवं अन्य उद्योगपति तथा शाखा प्रबंधक, आशुतोष सिंह, आईसीआईसीआई बैंक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में निर्यात को बढ़ावा देने हेतु अपने विचार प्रकट किये गये । जिसमें तकनीकी जानकारी ईईपीसी प्रतिनिधि अंकित मेहता, ईसीजीसी प्रतिनिधि कल्पतरू बेहरा, मेसर्स शिवम् हाईटेक प्रतिनिधि केतन गुलाटी, नाबार्ड प्रतिनिधि एमबारा, एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, दुर्ग प्रबंधक कपिल सिंह कुषवाह द्वारा दी गई । लोकपाल खांडेकर, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, दुर्ग की ओर से मुख्य महाप्रबंधक श्री सिमोन एक्का, महाप्रबंधक आरके तिवारी एवं आरके कुमार, प्रबंधक राकेश चौरसिया, कपिल सिंह कुषवाह, श्रीमती गुणेष्वरी साहू, भूपेंद्र गौर, श्री तुषार त्रिपाठी एवं नरेंद्र देवांगन, सहायक प्रबंधक शैलेन्द्र सिंह एवं संजय कुमार सिंह उपस्थित रहे। मंच संचालन भूपेंद्र गौर द्वारा किया गया।




