भिलाई। उतई में जमीन सौदे में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मामला उतई थाना क्षेत्र के गांव गोंडपेंडरी का है। यहां रहने वाले कमलेश यादव ने तोरण ठाकुर नाम के व्यक्ति से जमीन का सौदा किया। कुल 2 लाख 60 हजार रुपए लेकर इकरारनामा भी बना दिया। बाद में पता चला कि उक्त जमीन को कमलेश ने पहले ही बेच दिया था। यही नहीं मास्टर प्लान में सड़क आने पर सरकार से 14 लाख रुपए का मुआवजा भी ले लिया। इस मामले में तोरण ठाकुर ने उतई थाने से लेकर एसपी ऑफिस तक शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। थक हारकर उसने कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर कमलेश यादव के खिलाफ उतई पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471 IPC के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 17, भाटा पारा, गोंडपेंडरी तहसील पाटन निवासी तोरण ठाकुर के साथ इसी गांव में रहने वाले कमलेश यादव व उसके पिता प्यारेलाल यादव ने 29 सितंबर 2021 को खसरा क्रमांक 425/2, 1401, 1429/2, 1429/3, 1336/1 रकबा 0.03, 0.14, 0.05, 0.13, 0.08 का क्रय करने का सौदा किया था । भूमि का पक्का सौदा 2 लाख 60 हजार में हुआ। रक़म को कमलेश यादव और उसके पिता प्यारे लाल ने अपने रख लिया और इकरारनामा भी बनाया जिसमें कमलेश यादव और प्यारेलाल ने बतौर विक्रेता अपने हस्ताक्षर किए थे।
बाद में तोरण ठाकुर को पता चला कि कमलेश यादव व उसका पिता प्यारे लाल और जमीन सौदे के नाम पर धोखाधड़ी करते हैं। इसके बाद उसने जमीन की रजिस्ट्री की बात कही तो दोनों टालने लगे। इस दौरान तोरण ठाकुर को पता चला कि जिस जमीन का उसने सौदा किया उसे कमलेश व उसके पिता ने रामनाथ के साथ 23 नवंबर 2020 में सौदा किया और जिसके एवज़ में दोनो ने बतौर बयाना 50 हजार रुपए भी ले लिए।
इसके बाद उक्त भूमि पर सड़क बनाने की योजना आई और सरकार ने अधिग्रहण शुरू किया। यहां पर कमलेश यादव ने चालाकी दिखाई और 14 लाख के करीब सरकारी मुआवजा भी ले लिया। इस बीच कमलेश यादव के पिता प्यारेलाल का निधन हो गया। इधर जमीन के सौदे में ठगी का शिकार होने के बाद तोरण ठाकुर ने उतई थाने में शिकायत दर्ज कराई लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने पूरे मामले में दस्तावेजों की जांच के बाद कमलेश यादव के खिलाफ अपराध दर्ज करने का निर्देश दिया। कोर्ट के आदेश पर उतई पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज कर लिया है।




