नई दिल्ली (एजेंसी)। 21 जून की तारीख ने पिछले कुछ ही बरस में इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर लिया है। भारत की पहल पर शुरू हुए इस खास दिन को लेकर दुनिया के अलग-अलग देशों में खासा उत्साह है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह देशवासियों को संबोधित किया और योग के माध्यम से बीमारियों से दूर रहने का फॉर्मूला दिनचर्या में शामिल करने की बात कही।
पीएम ने कहा कि जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, तो उसके पीछे यही भावना थी कि ये योग विज्ञान पूरे विश्व के लिए सुलभ हो। आज इस दिशा में भारत ने यून, डब्ल्यूएचओ के साथ मिलकर एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि सबको साथ लेकर चलने वाली मानवता की इस योग यात्रा को हमें ऐसे ही अनवरत आगे बढऩा है। कोई भी स्थान हो, कोई भी परिस्थिति हो, कोई भी आयु हो, हर एक के लिए योग के पास कोई न कोई समाधान जरूर है। पीएम ने कहा कि दुनिया के अधिकांश देशों के लिए योग दिवस कोई उनका सदियों पुराना सांस्कृतिक पर्व नहीं है। इस मुश्किल समय में, इतनी परेशानी में लोग इसे भूल सकते थे, इसकी उपेक्षा कर सकते थे, लेकिन इसके विपरीत, लोगों में योग का उत्साह बढ़ा है, योग से प्रेम बढ़ा है।
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में योग बना एक सुरक्षा कवच
मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में योग भी एक सुरक्षाकवच बना है, डॉक्टर और मरीज दोनों के लिए ये लाभदायक हुआ है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि महान तमिल संत श्री तिरुवल्लुवर जी ने कहा कि अगर कोई बीमारी है तो उसकी जड़ तक जाओ, बीमारी की वजह क्या है वो पता करो, फिर उसका इलाज शुरू करो।योग यही रास्ता दिखाता है। उन्होंने कहा कि आज मेडिकल साइंस भी उपचार के साथ-साथ हीलिंग पर उतना ही बल देता है और योग इसमें उपचारक है। आज योग के इस पहलू पर दुनिया भर के विशेषज्ञ अनेक प्रकार के प्रयोग कर रहे हैं, इस पर काम कर रहे हैं।
एम-योगा एप से दुनिया को मिलेगा लाभ: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब विश्व को, एम-योगा एप की शक्ति मिलने जा रही है। इस एप में कॉमन योग प्रोटोकॉल के आधार पर योग प्रशिक्षण के कई वीडियोज दुनिया की अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध होंगे। ये आधुनिक टेक्नोलॉजी और प्राचीन विज्ञान के फ्यूजन का भी एक बेहतरीन उदाहरण है। पीएम ने कहा, ‘Óमुझे पूरा विश्वास है कि एम-योगाएप, योग का विस्तार दुनिया भर में करने और वन वल्र्ड, वन हेल्थ के प्रयासों को सफल बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पीएम मोदी बोले: ‘योग से सहयोग तक’ के मंत्र से पूरा होगा ‘एक विश्व-एक स्वास्थ्य’ का मिशन




