भुवनेश्वर/रायपुर। देश में लाल आतंक के खात्मे दिशा में एक और कदम बढ़ा है। छत्तीसगढ़ के बाद अब ओड़िशा में भी माओवादियों पर सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी है। इस बीच गुरुवार को ओड़िशा के कंधमाल जिले में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में शीर्ष माओवादी नेता गणेश उइके सहित छह नक्सली ढेर हो गए। यह मुठभेड़ जिले के चकापाद पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घने जंगलों में हुई। इस सफलता पर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसे बड़ी उपलब्धि बताया।

ओड़िशा में नक्सल विरोधी अभियान का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। इस सफल ऑपरेशन में गणेश उइके के अलावा पांच अन्य नक्सली भी मारे गए हैं, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं। फिलहाल अन्य नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है। मुठभेड़ में ढेर गणेश उइके (69) सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था और ओडिशा में इस प्रतिबंधित संगठन का प्रमुख था। गणेश उइके पर प्रशासन ने 1 करोड़ 10 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। मूल रूप से तेलंगाना के नलगोंडा जिले का रहने वाला उइके, पक्का हनुमंतु और राजेश तिवारी जैसे कई नामों से भी जाना जाता था। उइके लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था और क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों मे शामिल था। फिलहाल इलाके में अभी भी तलाश अभियान जारी है।
ओडिशा नक्सल मुक्त होने के कगार पर
सुरक्षा बलों की सफलता पर गृह मंत्री अमित शाह की ओर से एक्स पर पोस्ट कर इस अभियान की भरपूर सराहना की। उन्होंने लिखा कि ‘नक्सल मुक्त भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि। ओडिशा के कंढमाल में चलाए गए एक बड़े अभियान में केंद्रीय समिति के सदस्य गणेश उइके समेत छह नक्सलियों को मार गिराया गया है। इस बड़ी सफलता के साथ, ओडिशा नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त होने के कगार पर है। हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।’




