नईदिल्ली (एजेंसी)। शिक्षा मंत्रालय ने नई स्कूल बैग नीति के तहत कई उपायों की घोषणा की है। नई नीति में कक्षा 1 से 10वीं तक के छात्रों के स्कूल बैग का भार उनके शरीर के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। इसी तरह होमवर्क की समय सीमा भी कक्षा वार तय की गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नए शैक्षणिक सत्र से इन फैसलों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
शिक्षा मंत्रालय द्वारा बनाई गई नई नीति के तहत कक्षा दूसरी तक के विद्यार्थियों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा। कक्षा 3 से 6 के लिए साप्ताहिक 2 घंटे तक का होमवर्क, कक्षा 6 से 8 के लिए प्रतिदिन 1 घंटे का होमवर्क और कक्षा 9 से 12 के लिए अधिकतम 2 घंटे का होमवर्क सीमित होना चाहिए। नई पॉलिसी के अनुसार पहिये वाले बैग पर भी रोक लगेगी, क्योंकि सीढिय़ां चढ़ते वक्त यह बच्चे को चोटिल कर सकते हैं। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि स्कूलों को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि जो सुविधाएं उन्हें प्रदान करनी चाहिए, विद्यालय उन्हें पर्याप्त मात्रा और अच्छी गुणवत्ता में उपलब्ध कराएं।
वजन मापने स्कूलों में लगेगी तौल मशीन
बच्चों के बस्ते का वजन चेक करने के लिए स्कूलों में तौल मशीन रखी जाएगी और नियमित आधार पर स्कूल के बैग के वजन की निगरानी करनी होगी। यही नहीं प्रकाशकों को किताबों के पीछे उसका वजन भी छापना होगा। पहली कक्षा के छात्रों के लिए कुल तीन किताबें होंगी, जिनका वजन 1,078 ग्राम तक होगा। बारहवीं में पढऩे वाले छात्रों के लिए कुल छह किताबें होगी, जिनका वजन 4,182 ग्राम तक ही होगा। स्कूली छात्रों के बैग में किताबों का वजन 500 ग्राम से 3.5 किलोग्राम ही रहेगा। जबकि कॉपियों का वजन 200 ग्राम से 2.5 किलोग्राम रहेगा। इसी में लंच बॉक्स और बोतल का वजन भी शामिल होगा।




