नईदिल्ली/रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में नक्सल मुक्त भारत पर चर्चा की। शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र से नक्सलवाद लगभग पूरी तरह समाप्त हो चुका है। शाह ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की सफलता और विकास कार्यों पर जोर दिया। केन्द्रीय गृहमंत्री शाह ने इसका पूरा श्रेय सुरक्षाबलों की ऑपरेशन्स व उनकी बहादूरी को दिया है। उन्होंने बताया कि बस्तर के हर गांव में स्कूल और राशन की दुकानें खोलने की मुहिम चली। लोगों तक विकास पहुंचा और नक्सल सोच भी खत्म होता गया। इस दौरान उन्हों ने कांग्रेस को भी घेरा।

केन्द्रीय मंत्री ने बस्तर में नक्सलवाद हावी होने की वजह वामपंथी विचारधारा को बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व पीएम इंदिरा गांधी व मनमोहन सिंह ने भी माओवादियों को देश की आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्या माना था, पर कुछ नहीं हुआ। 2014 में परिवर्तन आया और मोदी सरकार में कई पुरानी समस्याओं का निराकरण हुआ। गृह मंत्री ने रेड कॉरिडोर के बारह राज्यों और आदिवासी समाज की ओर से इस बहस के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय वर्षों से चाहता था कि उनकी स्थिति संसद में उठे। वे चाहते थे कि उनकी समस्याओं को दुनिया जाने और उन पर ध्यान दिया जाए। लंबे समय तक उन्हें अपनी बात रखने का यह महत्वपूर्ण अवसर नहीं मिला था। अब उनकी आवाज राष्ट्रीय मंच पर पहुंच पाई है, जिससे उन्हें उम्मीद है।
‘छत्तीसगढ़ का बस्तर लगभग नक्सल मुक्त
गृह मंत्री ने बस्तर में नक्सलवाद की समाप्ति को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने सुरक्षा बलों के अथक प्रयासों और बलिदान को इसका श्रेय दिया। यह बयान सरकार के नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। सरकार का दृढ़ संकल्प है कि पूरे देश को जल्द से जल्द नक्सल मुक्त बनाया जाए। लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हथियारी माओवादियों को देश की आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्या स्वीकार किया था। हालांकि, उनके कार्यकाल में इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। 2014 में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रधानमंत्री मोदी के शासन में कई महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान हुआ।
‘मोदी सरकार ने हटाया जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और 35ए
अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और 35ए को हटाया गया। अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हुआ। वस्तु एवं सेवा कर को पूरे देश में सफलतापूर्वक लागू किया गया। विधायी मंडलों में मातृ शक्ति को 33 प्रतिशत का आरक्षण प्रदान किया गया। ये सभी बड़े काम आजादी के बाद से ही देश की जनता चाहती थी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इन लंबित कार्यों को पूरा किया गया। सरकार ने देश के विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प: सीएम साय
संसद में गृहमंत्री की चर्चा के बाद इधर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस से छत्तीसगढ़ में चार दशकों से अधिक समय से विकास में बाधक बने नक्सलवाद को जड़ से खत्म किया जा रहा है। सीएम साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के समन्वय से नक्सल समस्या का समाधान तेजी से हो रहा है।




