मुंबई (एजेंसी)। मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) के 55 वर्षीय स्कोरर दीपक जोशी इन दिनों विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाडिय़ों के चौकों और छक्कों का हिसाब रखने की बजाय कोरोना वायरस योद्धा के रूप में अपनी भूमिका बखूबी निभा रहे हैं। जोशी दक्षिण मुंबई के एक अस्पताल में पिछले 28 वर्षों से मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट के पद पर कार्यरत हैं और अभी उनका काम कोविड-19 के संदिग्ध सभी मरीजों का एक्सरे करना है।
जोशी विरार में रहते हैं जो कि मुंबई का उपनगरीय इलाका है। वह 24 मई से काम पर लौट आए थे। उन्होंने बताया कि मैं 24 जुलाई को तीन बसों और तीन घंटे से अधिक समय तक यात्रा करने के बाद अपने अस्पताल पहुंचा और तब से पूरे मनोयोग से अपना काम कर रहा हूं। मुझे हर दिन आठ घंटे काम करना पड़ता है और इस बीच मैं कोविड-19 के 15 से 20 संदिग्ध मरीजों को देखता हूं। मैं उनकी छाती का एक्सरे करता हूं।
मुंबई क्रिकेट संघ के आधिकारिक स्कोरर के तौर पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कुल 328 मैचों में स्कोरिंग कर चुके जोशी पिछले लगभग एक महीने से अपने घर नहीं गए हैं। उन्होंने कहा कि मैं 24 मई के बाद अपने घर नहीं गया। अस्पताल ने मुझे ठहरने के लिए जगह उपलब्ध कराई है और मैं वहीं रहता हूं। मैं इसके लिए होटल प्रबंधन का आभारी हूं।
जोशी ने कहा कि मेरी पत्नी और बेटियां मेरी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती है, लेकिन तब भी वे मुझे काम जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करती है। वे चाहती हैं कि मैं अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय करूं। उनका सहयोग मेरे लिए काफी मायने रखता है।
उन्हें खुशी है कि मुंबई क्रिकेट संघ ने उनके काम की प्रशंसा की। अब तक 11 टेस्ट, 21 वन-डे और पांच टी-20 अंतरराष्ट्रीय में आधिकारिक स्कोरर रहे जोशी ने कहा, ‘मुंबई क्रिकेट संघ के कुछ अधिकारियों ने मुझसे बात करके मेरे काम की प्रशंसा की। इससे भी मुझे प्रेरणा मिली।





