गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास व भूतबाधा के चक्कर में एक शख्स क हत्या कर दी गई। दरअसन शख्स तंत्र-मत्र किया करता था और भूतबाधा दूर करने के नाम पर एक युवक से 65 हजार रुपए ले लिए थे। तंत्र-मंत्र सफल नहीं होने पर युवक ने रुपए वापस मांगे तो उसने नहीं लौटा। इसके बाद युवक ने अपने साथियों के साथ तांत्रिक की हत्या कर शव को दफना दिया। इसके बाद तांत्रिक आरोपियों में एक को सपने में दिखने लगा तो वह डर गया और वहां पहुंचा जहां उसे दफनाया गया था। यहां पर लोगों ने उसे देख लिया और पुलिस को सूचना दे दी। इस तरह से हत्या का मामला खुला। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मिली जानकारी के अनुसार गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र स्थित गांव घुमरापदर के रहने वाले पतिराम यादव के बेटे की मौत हो गई थी। पतिराम को लगा कि उसके घर पर भूतप्रेत का साया है। भूत-प्रेत की बाधा को दूर करने के लिए उसने अपने एक मित्र जयसिंह की मदद से ओड़िसा के झुलनबर रहने वाले तांत्रिक बिरोचरण(58) को 65 हजार रुपए दिए। इसके बाद तांत्रिक उसके घर आया और तंत्र-मंत्र कर चला गया।
इसके कुछ दिन बाद पतिराम के घर वाले फिर बीमार होने लगे तो उसे लगा कि तांत्रिक की पूजा सफल नहीं हुई। इसके बाद पतिराम ने तांत्रिक से पैसे वापस मांगने का निर्णय लिया। 2 जनवरी को तांत्रिक घुमरापदर आया तो पतिराम ने उससे पैसे वापस मांगे तो उसने देने से मना कर दिया। इससे नाराज पतिराम ने अपने साथी जयसिंह, दाखिल मांझी, सुंदर यादव, चरणसिंह यादव के साथ प्लान किया और उसकी बेरहमी से पिटाई की जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद सभी शव को तेतेलपारा गांव के पास पवित्र दौरा के खलिहान में पैरे के नीचे छिपा दिया था।
सपने में दिखने लगा तांत्रिक
वारदात के बाद सभी अपने अपने घर चले गए। इसके बाद वारदात में शामिल दाखिल मांझी के सपने में तांत्रिक दिखाई देने लगा। इससे वह डर गया और 6 जनवरी की रात को उसी खलिहान के पास पहुंच गया। यहां वह शव देखने लगा तभी कुछ लोगों ने उसे देख लिया। लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दाखिल मांझी को पकड़कर पूछताछ की तो राज खुला। पुलिस ने शव बरामद कर इस मामले सुंदर यादव, चरण सिंह यादव, पतिराम को भी गिरफ्तार कर लिया। घटना एक अन्य आरोपी जयसिंह फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।




