पटना (एजेंसी)। राजद सुप्रीम लालू प्रसाद यादव ने जेल से भाजपा विधायक ललन पासवान को फोन किया था, जिसका एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया वायरल हुआ था, जिसमें वह ललन पासवान को मंत्री पद का प्रलोभन देने की बात कर रहे थे। विधायक ललन पासवान ने भी इस बात को स्वीकार किया। इस मामले में भाजपा विधायक ललन पासवान ने गुरुवार को पटना में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में पासवान ने लालू यादव पर भ्रष्टाचार और घूस देने का आरोप लगाया है।
विधायक पासवान ने कहा था चुनाव जीतने के बाद लगातार बधाई देने के लिए कॉल आ रहे थे। ऐसे में मुझे लगा कि किसी का ऐसा ही कॉल आया है, इसलिए मेरे पीए ने कॉल उठाया। पीए ने कहा कि लालू जी बात करना चाहते हैं, फिर मैंने सोचा कौन लालू प्रसाद जी? उधर से बताया गया रांची से। तब मैंने उनको प्रणाम किया। फिर लालू जी ने बातचीत में कहा कि स्पीकर को गिराना है तत्काल गिराना है। ऐसा करने पार तुमको मंत्री बनाया जाएगा। हमने ऐसा करने से मना कर दिया।Ó
ललन पासवान ने कहा कि एनडीए ने मुझे पहचान दी है और मेरे लिए पार्टी से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि फोन पर लालू यादव ने मुझे मंत्री पद देने की बात कही और चुनाव की प्रक्रिया में शामिल नहीं होने को कहा। भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि जो लोग कह रहे हैं कि ऑडियो के साथ छेड़छाड़ हुई है, वो बताएं कि क्या छेड़छाड़ हुई है। जेल में रहकर व्यक्ति फोन पर बात कर रहा है और लोकतंत्र की हत्या की बात कर रहा है। ऑडियो से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है।
इधर लालू प्रसाद यादव के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में जेल में फोन का इस्तेमाल करने पर याचिका दायर कर दी गई है। भाजपा नेता अनुरंजन अशोक की ओर से लालू के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि लालू जेल से फोन का इस्तेमाल कर सरकार का गिराने का काम कर रहे हैं। याचिका में आगे कहा गया है कि ये जेल नियमों का उल्लंघन है और जेल प्रशासन और सरकार उन्हें किस नियम के तहत यह सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं झारखंड के जेल महानिरीक्षक वीरेंद्र भूषण ने लालू प्रसाद यादव द्वारा बिहार के पीरपैंती क्षेत्र से भाजपा विधायक ललन पासवान को कथित तौर पर फोन किए जाने के मामले में जांच के आदेश दिए हैं।





