ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: मिसाल: जिंदगी और मौत से जूझ रहा था दोस्त, 1300 किमी दूर से ‘संजीवनी’ लेकर पहुंचा बचपन का यार
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNational

मिसाल: जिंदगी और मौत से जूझ रहा था दोस्त, 1300 किमी दूर से ‘संजीवनी’ लेकर पहुंचा बचपन का यार

By @dmin
Published: April 28, 2021
Share
मिसाल: जिंदगी और मौत से जूझ रहा था दोस्त, 1300 किमी दूर से 'संजीवनी' लेकर पहुंचा बचपन का यार
मिसाल: जिंदगी और मौत से जूझ रहा था दोस्त, 1300 किमी दूर से 'संजीवनी' लेकर पहुंचा बचपन का यार
SHARE

नई दिल्ली/रांची (एजेंसी)। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी है। वहीं दूसरी ओर एक-दूसरे की मदद करने वालों की एक से बढ़कर एक कहानियां सामने आई हैं। ऐसी ही मिसाल रांची के देवेंद्र कुमार शर्मा ने पेश की है। देवेंद्र ने अपने दोस्त की जान बचाने के लिए कार से 24 घंटे में 1300 किलोमीटर से अधिक दूसरी का सफर तय कर ऑक्सीजन पहुंचाई। रांची में रह रहे देवेंद्र को 24 अप्रैल रात वैशाली गाजियाबाद में रहने वाले संजय सक्सेना का फोन आया कि कोरोना संक्रमित राजन के लिए ऑक्सीजन की सख्त जरूरत है और यहां ऑक्सीजन का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। सिर्फ एक दिन के लिए ऑक्सीजन बची है। संजय सक्सेना के घर पर ही राजन का इलाज चल रहा है।

राजन की जिंदगी पर बन आई
देवेंद्र और राजन के एक और मित्र संजीव सुमन की 19 अप्रैल को नोएडा में कोरोना से मौत हो गई। राजन और संजीव सुमन का फ्लैट नोएडा की एक ही सोसायटी में है। संजीव सुमन की मौत के बाद कोरोना संक्रमित हुए राजन बहुत घबरा गए थे। उन्होंने नोएडा और दिल्ली के अस्पतालों में बेड के लिए बहुत कोशिश की, लेकिन कहीं बेड नहीं मिला। इसके बाद राजन ने पुराने परिचित संजय सक्सेना को सब बताया। संजय सक्सेना ही फिर उन्हें अपने घर वैशाली ले गए और वहीं उनका इलाज होने लगा।

ऑक्सीजन सिलेंडर लेने पहुंचे बोकारो
24 अप्रैल को संजय सक्सेना की घबराई आवाज सुनकर देवेंद्र इस उधेड़बुन में लग गए कि बचपन के जिगरी दोस्त राजन के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम कहां से किया जाए। देवेंद्र रात में ही बाइक से रांची से 150 किलोमीटर दूर बोकारो के लिए निकल पड़े। देवेंद्र और राजन दोनों के परिवार मूल रूप से बोकारो के ही रहने वाले हैं। बोकारो पहुंचते ही देवेंद्र ने सिलेंडर की तलाश शुरू कर दी। जब कहीं काम नहीं बना, तब देवेंद्र ने झारखंड गैस प्लांट के मालिक राकेश कुमार गुप्ता से संपर्क किया। आखिरकार वहां से सिलेंडर मिल गया।
 
सांसों के लिए संघर्ष कर रहे दोस्त के लिए ‘संजीवनी’ लेकर पहुंचे देवेंद्र 
देवेंद्र के हाथ में ऑक्सीजन सिलेंडर तो आया गया, लेकिन उसे करीब 1300 किलोमीटर दूर वैशाली, गाजियाबाद समय पर पहुंचाना भी पहाड़ जैसा था। इसके लिए देवेंद्र ने अपने एक परिचित से कार मांगी और रविवार दोपहर को खुद ही ड्राइव करते हुए वैशाली गाजियाबाद के लिए निकल पड़े। रास्ते में ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर चेकिंग के दौरान उनसे सवाल भी किए गए। इस पर उन्हें बताना पड़ा कि उनकी दोस्त की जिंदगी का सवाल है। करीब 24 घंटे बाद सोमवार को वे अपने दोस्त राजन के पास पहुंच गए। राजन सांसों के लिए संघर्ष कर रही रहे थे कि दोस्त ने सही समय पर ऑक्सीजन सिलेंडर ले जाकर उसकी जान बचा ली। अब राजन की हालत पहले से बेहतर है। 

बता दें कि देवेंद्र और राजन दोनों ही बोकारो में साथ पले बढ़े। आगे की पढ़ाई के लिए वो दिल्ली आ गए। यहां संजय सक्सेना ने दोनों के लिए केयरटेकर की भूमिका निभाई थी। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद देवेंद्र इंश्योरेंस और राजन आईटी सेक्टर में जॉब करने लगे।दोनों की उम्र 34-34 साल है। राजन अपनी पत्नी के साथ नोएडा में रहते हैं जबकि अविवाहित देवेंद्र राची में कार्यरत है। दोनों के परिवारों के बाकी सदस्य अब भी बोकारो में रहते हैं। देवेंद्र का अब यही कहना है कि जब तक उनका दोस्त पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता, वो बोकारो नहीं लौटेंगे। वाकई ये दोस्ती बेमिसाल है।

बिहार चुनाव : भाजपा प्रत्याशियों में पीएम मोदी के बाद सबसे ज्यादा सीएम योगी की डिमांड
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ हो रही सशक्त
बर्ड फ्लू की आहट से 15 रुपये प्रति किलो सस्ता हुआ मुर्गा, पोल्ट्री व्यवसायी चिकन को बता रहे सुरक्षित
मुख्यमंत्री की घोषणा पर त्वरित अमल : अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु औद्योगिक क्षेत्रों में 10 प्रतिशत भू-खंड आरक्षित किए जाएंगे
BREAKING NEWS : भिलाई में आरक्षक के घर पर ईडी की दबिश से हड़कंप… चार घंटों से टीम कर रही है जांच
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article हादसा: जर्जर मकान ढहने से बड़ा हादसा, मां-बाप और तीन बेटों की मौत हादसा: जर्जर मकान ढहने से बड़ा हादसा, मां-बाप और तीन बेटों की मौत
Next Article The High Court rejected the Corona Action Plan…. Expressing displeasure over the attitude of the UP government हाईकोर्ट ने खारिज की कोरोना कार्ययोजना…. यूपी सरकार के रवैय्ये पर जताई नाराजगी, कहा- कोरोना नियंत्रण के लिए बनाए सही कार्ययोजना

Ro.-13624/52

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?