भिलाई। दुर्ग पुलिस को चोरी के अलग अलग मामलों में बड़ी सफलता मिली है। थाना पद्मनाभपुर व मोहन नगर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही चोरियों के मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 168 ग्राम सोने के आभूषण, 150 ग्राम चांदी के आभूषण, 02 एलईडी टीवी, 01 डीवीआर, चोरी में प्रयुक्त उपकरण तथा दो चारपहिया एवं एक दोपहिया वाहन सहित लगभग 32 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया गया।

थाना मोहन नगर एवं थाना पद्मनाभपुर क्षेत्र में विगत कुछ समय से सूने मकानों में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। लगातार हो रही इन घटनाओं को दुर्ग पुलिस द्वारा अत्यंत गंभीरता से लेते हुए संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने हेतु विशेष अभियान संचालित किया गया। पुलिस टीमों द्वारा कई दिनों तक लगातार रात्रिकालीन पेट्रोलिंग, संवेदनशील क्षेत्रों में सघन नाकेबंदी, सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन विश्लेषण, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की निगरानी तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर लगातार फील्ड वर्क किया गया।
रात्रिगश्त में मिली संदिग्ध कार से पकड़ाए आरोपी
इस बीच शुक्रवार की रात को नियमित पेट्रोलिंग के दौरान एक सफेद रंग की इंडिगो कार संदिग्ध अवस्था में दिखाई दी। पुलिस ने कार रोककर उसमें सवार अनुराग मिश्रा निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जामुल तथा तुषार मिश्रा निवासी कैलाश नगर को अभिरक्षा में लिया गया। वाहन की तलाशी लेने पर 2 एलईडी टीवी, 1 डीवीआर, सब्बल, पेचकस एवं स्क्रूड्राइवर बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान उन्होंने थाना मोहन नगर एवं थाना पद्मनाभपुर क्षेत्र में हुई चोरी की अनेक घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया।
लोन चुकाने शुरू की थी चोरियां
पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा ने बताया कि वह वर्ष 2011 से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के रूप में कार्य करता था तथा प्रतिमाह लगभग 60,000 से ₹70,000 तक आय अर्जित करता था। आरोपी के कथनानुसार बाद में उसने विभिन्न ऑनलाइन लोन एप्लीकेशनों से ऋण लिया। बढ़ते ब्याज एवं वित्तीय दायित्वों के कारण वह आर्थिक संकट में आ गया, जिसके बाद उसने चोरी की घटनाओं को अंजाम देना प्रारंभ किया। पूछताछ में यह भी पता चला कि चोरी के अधिकांश सोने के आभूषणों को आरोपियों द्वारा विभिन्न फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखकर उसके एवज में राशि प्राप्त की गई थी। पुलिस संबंधित फाइनेंस कंपनियों से गिरवी रखे गए आभूषण बरामद किए गए।
रहवासी क्षेत्रों की अच्छी जानकारी
मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा पूर्व में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में कार्य करता था इसलिए उसे आवासीय क्षेत्रों की अच्छी जानकारी थी। उसे मकानों की सुरक्षा व्यवस्था एवं रहवासी क्षेत्रों की अच्छी जानकारी थी। आरोपी पहले सूने मकानों की रेकी करता था। यह सुनिश्चित करने के बाद कि मकान में कोई मौजूद नहीं है, रात्रि के समय सब्बल, पेचकस एवं अन्य उपकरणों की सहायता से मकान में प्रवेश कर सोने-चांदी के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान एवं अन्य कीमती वस्तुओं की चोरी करता था।
फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखता था सामान
चोरी किए गए सोने के आभूषणों को आरोपी विभिन्न फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखकर उसके एवज में ऋण प्राप्त करता था तथा प्राप्त राशि का निवेश एवं व्यक्तिगत उपयोग करता था कुछ राशि अपने साथी के भी बैंक अकाउंट में भी ट्रांसफर किया है , जिससे चोरी के सामान का तत्काल संदेह नहीं हो सके। विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा मुथूट फाइनेंस (पावर हाउस), आईआईएफएल फाइनेंस (पावर हाउस), बजाज गोल्ड फाइनेंस (पावर हाउस) तथा मुथूट फाइनेंस (कुम्हारी) से वैधानिक प्रक्रिया के तहत गिरवी रखे गए आभूषण बरामद किए गए।
कार्रवाई में इनकी रही सराहनीय भूमिका
उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रमोद रुशिया, उप निरीक्षक मनोज बाजपेयी, आरक्षक आकाश, आरक्षक ओमप्रकाश, आरक्षक सर्वेश प्रजापति, आरक्षक जीत नारायण यादव, आरक्षक जमालुद्दीन, आरक्षक दिनेश राजपूत तथा रात्रिकालीन पेट्रोलिंग एवं नाकेबंदी में तैनात समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही। दुर्ग पुलिस आम नागरिकों को आश्वस्त करती है कि जनसुरक्षा एवं संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में लगातार रात्रिकालीन गश्त, सघन नाकेबंदी, तकनीकी निगरानी एवं अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। नागरिकों से अपील है कि मकान सूना छोड़ने की स्थिति में स्थानीय पुलिस अथवा विश्वसनीय पड़ोसियों को अवश्य सूचित करें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन अथवा गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। दुर्ग पुलिस अपराधों की रोकथाम, अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई तथा नागरिकों की सुरक्षा एवं संपत्ति की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।




