भिलाई। कोरोना संक्रमण के कारण जिले में लगातार लॉकडाउन बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन कोरोना की चेन तोडऩे के प्रयास के तहत लॉकडाउन बढ़ाते जा रहा है वहीं सामान्य परिवार इस लॉकडाउन के कारण हलाकान होने लगे हैं। लगभग एक माह से काम बंद है, जिससे लोगों की मुश्किले बढ़ गई हैं। इस बीच शिवसेना प्रदेश प्रवक्ता विक्की शर्मा ने लॉकडाउन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि पिछले लाकडाउन में इतना अव्यवस्था का आलम नहीं था। इस बार के जिला कलेक्टर के आदेश से सरकार की ही छवि हास्य का कारण बनती जा रही है।
विक्की शर्मा का कहना है कि लगतार लाकडाउन से संक्रमण की चेन टूटे या न टूटे लेकिन सामान्य परिवारों की कमर टूटना शुरू हो चुका है। केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार सब निम्न तबकों के बारे में हो घोषणा कर रहें है। सामान्य परिवार की कोई सुध लेने वाला नहीं जिससे आर्थिक संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। किराये के दुकान, बिजली बिल स्टाप का वेतन, दुकानों पर लोन, लोन की किस्त आदि का बोझ सामान्य वर्ग को ही उठाना पड़ेगा, इसके लिए सरकार ने किसी प्रकार की नीति नहीं बनाई है।
लॉकडाउन के बाद भी चौक चौराहों पर भीड़
लाकडाउन में जो लोग घरों पे है उनका तो ठीक है, जो लाकडाउन में भी बहार घूमना नहीं छोड़े उनका क्या? प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग के दावे कर रहा है लेकिन दफ्तरों से निकलकर सड़कों पर निकले तो पता चलेगा चौक चौराहों पर कितनी भीड़ है। एक ओर आम जनता सरकारी अस्पतालों के अव्यस्था की बलि चढ़ रही है तो दूसरे ओर प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी वसूली ने लोगों का जीना दूभर किया हुआ हैं। न प्रशासन इस दिशा में अब तक कोई कार्यवाही ही कि न जांच किया। मात्र घोषणा कर दिया कि सरकार ने दरें निर्धारित कर दिया। मगर उसके जमीनी हकीकत जानने किसी ने कोई प्रयास नहीं किया?
तय दरों से ज्यादा ले रहे टेस्ट की फीस
विक्की शर्मा ने बताया कि प्राइवेट लैब में आरटीपीसीआर, रैपिड एंटिजन व ट्रूनाट टेस्ट के लिए सरकार द्वारा निर्धारित दर से अधिक लिया जा रहा है लेकिन इसकी मॉनिटरिंग कोई नहीं कर रहा। आम लोगों को इस बात की जानकारी भी नहीं है कि वे इनकी शिकायत कहां करे। सरकार को प्राइवेट लैब में टेस्ट की दरों कों चस्पा किया जाना चाहिए ताकि लोगों को इसकी जानकारी मिले। विक्की शर्मा का कहना है कि लॉकडाउन के कारण रोज कमाने खाने वालों का हाल बद से बदतर होता जा रहा है। सरकार ने मुफ्त में चावल देने की घोषणा कर दी लेकिन बाकी समान कहां से आएगा? लोग बिजली बिल या अन्य भुगतान कैसे करेंगे। इस दिशा में सरकार को चिंतन करना चाहिए ओर जीवक ओर जीवन बिना बाधा के चले इस ओर विचार करना चाहिए। महज एक दूसरे पर आरोप लगाने से बेहतर आम जनता के हित फैसले लिए जाएं।
लगातार लॉकडाउन से सामान्य परिवार हलाकान: शिवसेना के प्रदेश प्रवक्ता विक्की शर्मा ने कहा- सामान्य परिवारों की सुध लेने वाला कोई नहीं




