नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच इसके इलाज में उपयोग किए जाने वाले इंजेक्शन रेमडेसिविर की कमी की भी बात सामने आई है। इस बीच केंद्र सरकार ने भी माना है कि देश में रेमडेसिविर की कमी है। बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि देश में रेमडेसिविर की कमी इसलिए हुई क्योंकि इसका उत्पादन कम हो गया था क्योंकि कोरोना वायरस के मामले कम हो रहे थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमारे ड्रग कंट्रोलर और मंत्रालय ने कंपनियों के साथ बैठक कर रेमडेसिविर के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कहा है। वहीं, टीके की कमी को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि टीकों की कोई कमी नहीं है और भारत सरकार हर राज्य को टीके देती है। यह राज्यों का काम है कि वे टीकाकरण केंद्रों पर समयबद्ध तरीके से वैक्सीन की खुराक प्रदान करें।
Shortage of Remdesivir happened because its production was reduced as COVID19 cases were decreasing. Our drug controller and ministry held a meeting with stakeholders and asked manufacturers to strengthen the production: Union Health Minister Dr Harsh Vardhan pic.twitter.com/U4coEYwMVq
— ANI (@ANI) April 14, 2021
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीजीसीआई) ने रेमडेसिविर की कालाबाजारी की किसी भी शिकायत पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जो लोगों का शोषण कर रहे हैं और दवा की कमी पैदा कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। बता दें कि महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों ने दावा किया था कि उनके यहां कोरोना वायरस वैक्सीन की कमी हो गई है। पिछले दिनों महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा था कि हमारे यहां वैक्सीन की कमी से कई टीकाकरण केंद्र बंद हो गए हो गए हैं।




