रायपुर। बंगाल की खाड़ी बने चक्रवात अर्नब ने छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग और उससे लगे जिलों में भारी तबाही मचाई है। पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते क्षेत्र के अधिकांश नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। इसके कारण कई मुख्य सड़कें जलमग्न हो गई हैं और एक जिले से दूसरे जिले का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। धमतरी के गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं। राज्य प्रशासन ने नदी तटों और निचले इलाकों में अलर्ट घोषित कर दिया है।
छत्तीसगढ़ में 24 सितंबर से लगातार हो रही भारी बारिश हो रही है। अत्याधिक वर्षा के कारण प्रदेश के नदी-नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने शनिवार व रविवार को भी कई जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के बिलासपुर, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, दुर्ग, रायपुर, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर और धमतरी जिलों में आरेज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर, सरगुजा, गौरेला पेंड्रा मरवाही, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर चांपा, बलौदा बाजार, महासमुंद, गरियाबंद, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा के अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।
गंगरेल बांध के 14 गेट खोले गए
भारी बारिश के कारण जलस्तर को देखते हुए गंगरेल बांध के 14 गेट खोल दिए गए हैं। बांध से 2 लाख 50 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें रुद्री बैराज के माध्यम से 4 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी नहर में, जबकि 2 लाख 47 हजार क्यूसेक से अधिक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है। इसके अलावा सोंढूर जलाशय से करीब 27 हजार क्यूसेक, दुधावा जलाशय से 26 हजार क्यूसेक और मुरुमसिल्ली जलाशय से 12 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।

आपातकालीन नंबर जारी
लगातार बारिश और संभावित आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों की सहायता के लिए जिला कंट्रोल रूम स्थापित किया है। आपात स्थिति में सहायता के लिए जिला कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 07722-232249 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में घबराएं नहीं और तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना दें, ताकि जरूरत के अनुसार राहत और बचाव कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके।
प्रदेश के सभी स्कूलों में आज अवकाश
लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शनिवार 26 सितंबर को प्रदेश के सभी स्कूलों में अवकाश के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा आवागमन में कठिनाई की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में स्कूली बच्चों को किसी प्रकार का जोखिम न उठाना पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर के विद्यालयों में अवकाश रखने का निर्णय लिया गया है।



