ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: सुकमा में 29 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता, सीएम साय ने कहा – हिंसा नहीं, विकास ही भविष्य है
Share
Notification Show More
Latest News
रक्तदान मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम, जरूरतमंद का जीवन बचाने आगे आएं नागरिक:
सेवा संकल्प अभियान का आगाज, एक माह तक होंगे जनसेवा और जनभागीदारी के विविध आयोजन
September 17, 2026
प्रशासनिक अधिकारियों संग युवाओं ने पेश की मानवता की नजीर
‘सेवा संकल्प’ की अनूठी मिसाल, जिलेभर में उमड़ा स्वैच्छिक रक्तदान का जनसैलाब
September 17, 2026
नगर पालिका परिषद् जामुल में वार्डों का आरक्षण… जानिए वार्डवार आरक्षण की स्थिति
September 17, 2026
मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की
सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना: सीएम साय
September 17, 2026
दुर्ग सेंट्रल जेल में दुर्ग पुलिस की रेड, मोबाइल, चिलम, नशीले पदार्थ और कैंची बरामद
September 17, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhCrimeFeaturedSukma

सुकमा में 29 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता, सीएम साय ने कहा – हिंसा नहीं, विकास ही भविष्य है

By Mohan Rao Published January 15, 2026
Share
SHARE

सुकमा। छ्त्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 29 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। सरकार के सामने हथियार डाल दिए हैं। ये सभी नक्सली पिछले कई सालों से नक्सल संगठन के साथ जुड़कर काम कर रहे थे। वहीं हिंसा छोड़ने के बाद समाज की मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। सरेंडर के बाद सीएम साय का भी बयान आया है। उन्होंने कहा कि हिंसा नहीं विकास ही भविष्य है।

सुकमा के SP किरण चव्हाण ने बताया कि 29 कैडर सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौट आए हैं। सभी माओवादी दरभा डिवीजन अंतर्गत केरलापाल एरिया कमेटी में सक्रिय रहे हैं। ये सभी नक्सली सुकमा के गोगुंडा इलाके में सक्रिय थे। इनमें से एक पोड़ियाम बुधरा नक्सल संगठन में DAKMS अध्यक्ष था। इसपर 2 लाख रुपए का इनाम घोषित है। इसके अलावा जन मिलिशिया कैडर्स के नक्सलियों ने भी हिंसा का रास्ता छोड़ा है। सरेंडर करने के बाद सभी सरकार के साथ जुड़कर काम करना चाहते हैं।

केरलपाल एरिया कमेटी नक्सल-मुक्त होने के करीब
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस सामूहिक आत्मसमर्पण के बाद, केरलपाल एरिया कमेटी अब नक्सल-मुक्त होने के अंतिम चरण में पहुंच गई है। यह सुकमा जिले के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास की राह प्रशस्त करेगी। सुरक्षा बल यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि नक्सल विरोधी अभियान इसी तरह जारी रहे, ताकि क्षेत्र में विकास और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सुरक्षा और स्थिरता का प्रमाण – मुख्यमंत्री साय
सरेंडर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि उस भरोसे, सुरक्षा और स्थिरता का प्रमाण है जो अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लौट रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जहाँ कभी भय, दबाव और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब सुरक्षा शिविरों की सशक्त मौजूदगी, प्रशासन की सक्रियता और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच से हालात तेजी से बदल रहे हैं। सुकमा और उसके आसपास के इलाकों में विकास कार्य, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ आम लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं।

सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेगी सरकार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति है कि “जो हिंसा छोड़कर संविधान और विकास का रास्ता चुनेगा, उसके लिए सरकार सम्मानजनक जीवन, अवसर और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेगी।” सरकार का उद्देश्य केवल हिंसा को समाप्त करना नहीं, बल्कि उन युवाओं को समाज की मुख्यधारा में लौटाकर उन्हें एक नई पहचान और नया जीवन देना है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि 29 युवाओं का मुख्यधारा में लौटना यह साबित करता है कि अब छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में डर की जगह भरोसा और अंधेरे की जगह उम्मीद ने ले ली है।

संवाद, विकास और पुनर्वास को प्राथमिकता
यह परिवर्तन केवल सुरक्षा अभियानों का परिणाम नहीं, बल्कि उस संवेदनशील शासन व्यवस्था का परिणाम है जो संवाद, विकास और पुनर्वास को प्राथमिकता देती है। राज्य सरकार ने पुनर्वास, कौशल विकास, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि भटकाव छोड़ने वाले युवाओं को समाज में सम्मान, स्थिरता और आत्मनिर्भरता मिले। छत्तीसगढ़ आज स्पष्ट रूप से यह संदेश दे रहा है कि हिंसा नहीं, विकास ही भविष्य है।

You Might Also Like

सेवा संकल्प अभियान का आगाज, एक माह तक होंगे जनसेवा और जनभागीदारी के विविध आयोजन

‘सेवा संकल्प’ की अनूठी मिसाल, जिलेभर में उमड़ा स्वैच्छिक रक्तदान का जनसैलाब

नगर पालिका परिषद् जामुल में वार्डों का आरक्षण… जानिए वार्डवार आरक्षण की स्थिति

सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना: सीएम साय

दुर्ग सेंट्रल जेल में दुर्ग पुलिस की रेड, मोबाइल, चिलम, नशीले पदार्थ और कैंची बरामद

Mohan Rao January 15, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article छत्तीसगढ़ के ज्वेलरी शॉप में बुर्का-नकाब बैन, सर्राफा एसोसिएशन ने का बड़ा निर्णय, बोले- सुरक्षा के लिए जरूरी
Next Article सरायपाली में राइस मिल पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 61203 बोरा धान की कमी, पूरा स्टॉक जब्त

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?