राजनांदगांव में आयुष चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक कर योग के प्रचार-प्रसार, योग वाटिका और वेलनेस सेंटरों की गतिविधियों पर की चर्चा
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने राजनांदगांव में जिला आयुष अधिकारी एवं आयुष चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, आयुष चिकित्सा सेवाओं के विस्तार, योग वाटिका और वेलनेस सेंटरों के संचालन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। बैठक का उद्देश्य आयुष सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने, कार्यक्षेत्र में आ रही समस्याओं को समझने तथा भविष्य की योजनाओं के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करने पर केंद्रित रहा। बैठक के दौरान संजय अग्रवाल ने आयुष चिकित्सा अधिकारियों एवं योग शिक्षकों से उनके कार्यों, अनुभवों, सुझावों और चुनौतियों के संबंध में विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने अधिकारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा उनके द्वारा उठाए गए विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। साथ ही, जहां कार्यों के क्रियान्वयन में कमियां सामने आ रही हैं, वहां सुधार कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। संजय अग्रवाल ने योग वाटिकाओं एवं वेलनेस सेंटरों की भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि योग और आयुष चिकित्सा पद्धतियां जनसामान्य को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसके लिए आवश्यक है कि संबंधित अधिकारी और योग शिक्षक योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें प्रभावी कार्ययोजना के साथ धरातल पर उतारें। योग का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे, इसके लिए समन्वित प्रयास और नियमित गतिविधियां आवश्यक हैं।

जामवंत की भूमिका में हूं : संजय अग्रवाल
बैठक में संजय अग्रवाल ने प्रेरक प्रसंग के माध्यम से आयुष चिकित्सा अधिकारियों एवं योग शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि “मैं जामवंत की भूमिका में हूं, जो आयुष के चिकित्सकों और योग शिक्षकों को उनके भीतर मौजूद हनुमान जैसी शक्ति का एहसास कराने आया हूं।” उन्होंने कहा कि आयुष के चिकित्सकों और योग शिक्षकों के पास व्यापक अनुभव, ज्ञान और कार्यक्षमता है। आवश्यकता इस बात की है कि वे अपनी क्षमताओं को पहचानें और उनका उपयोग योग एवं आयुष चिकित्सा के प्रचार-प्रसार के लिए करें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जामवंत ने हनुमान जी को उनकी शक्तियों का स्मरण कराया था, उसी प्रकार आयुष से जुड़े अधिकारियों और योग शिक्षकों को उनकी सामर्थ्य का एहसास कराकर उन्हें बेहतर परिणामों के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। जब प्रत्येक अधिकारी और योग शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए पूरी क्षमता के साथ कार्य करेगा, तभी योग एवं आयुष सेवाओं का व्यापक विस्तार संभव होगा।
बेहतर परिणामों के लिए प्रभावी कार्ययोजना और कार्यशैली पर जोर
संजय अग्रवाल ने पुराने कार्यों की समीक्षा करने, वर्तमान गतिविधियों को समझने तथा आगामी कार्यों के लिए व्यवस्थित प्रारूप तैयार करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। यदि हमें योग और आयुष के क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त करने हैं, तो कार्य करने का तरीका भी उसी के अनुरूप व्यवस्थित, जवाबदेह और परिणामोन्मुख होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, सामने आने वाली समस्याओं का समाधान खोजने तथा योग एवं आयुष से संबंधित गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया। बैठक के दौरान अधिकारियों के सवालों और सुझावों पर भी चर्चा की गई तथा व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार कर कार्यों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
छत्तीसगढ़ योग आयोग का उद्देश्य प्रदेश में योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना, योग को जनजीवन का हिस्सा बनाना तथा आयुष चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है। इस दिशा में अधिकारियों, चिकित्सकों और योग शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय एवं सक्रिय सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया गया। बैठक में योग एवं आयुष सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और जनसामान्य तक योग का लाभ पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया।




