नई दिल्ली (एजेंसी)। ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन (वायरस का नया रूप) मिलने के बाद से ही दुनियाभर में हलचल पैदा हो गई है। कई देशों ने ब्रिटेन से आने वाले विमानों पर रोक लगाना शुरू कर दिया है। वहीं, भारत ने भी एहतियात के तौर पर ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी है। इससे विमानन उद्योग को धक्का लगा है। अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को सामान्य होने में और समय लगेगा।
उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि नए कोरोना वायरस स्ट्रेन के चलते पहले से ही घाटे में चल रहे विमानन उद्योग को खासा नुकसान पहुंचने वाला है। हाल ही में कुछ देशों ने अपनी उड़ान सेवाओं को फिर से चालू किया था, जिससे एयरलाइंस को मुनाफा होना शुरू हुआ था, लेकिन अब फिर से लगे प्रतिबंध कंपनियों को घाटे में ले जा सकते हैं।
एयरलाइंस सेक्टर पर करीबी से नजर बनाने वाली रेटिंग एजेंसी आईसीआरए की उपाध्यक्ष किंजल शाह ने कहा, अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन परिचालन पर वायरस के नए स्ट्रेन का प्रभाव और इसकी रिकवरी इस बात पर निर्भर करेगी कि यह कितना घातक है। वैक्सीन के लॉन्च होने और जनता के लिए इसकी उपलब्धता भी अन्य कारणों में शामिल है।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए, आमतौर पर विदेशों के लिए उड़ान भरने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भारत सरकार की तरफ से 31 दिसंबर तक रोक लगाई गई है। हालांकि, एयरलाइंस को सभी कार्गो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, विदेशों में फंसे लोगों के लिए उड़ानों, चार्टर उड़ानों और बबल समझौते के तहत 22 देशों में उड़ानों को संचालित करने की अनुमति है, लेकिन इसके बाद भी अधिकतर एयरलाइंस कोविड से पहले की स्थिति के मुकाबले काफी उड़ानों का संचालन कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय परिचालन के मुकाबले एयरलाइंस अपने व्यापार को फिर से खड़ा करने के लिए घरेलू परिचालन पर जोर दे रही हैं। हालांकि, वरिष्ठ एयरलाइन अधिकारी भी सरकार को धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों को खोलने के लिए जोर दे रहे हैं।
गुडग़ांव स्थित नो-फ्रिल कैरियर में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हमें नहीं पता कि इस नए वायरस के बाद क्या होने वाला है, लेकिन प्रतिबंधों के बाद फिर से सामान्य अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों को खोलने पर कुछ तिमाहियों तक देरी होने वाली है।
नाम ना छापने की शर्त पर अधिकारी ने आगे बताया, जून की तिमाही के बाद हमें उम्मीद थी कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के परिचालन में कुछ सुधार हो सकता है, जबकि घरेलू उड़ानों को लेकर हमारा मानना था कि ये मार्च तिमाही के बाद फिर से सामान्य हो जाएगा। हालांकि, इस नए वायरस के चलते अब विमानन सेक्टर को सामान्य होने में अधिक देरी हो सकती है।




