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Health

अगर आप भी करते हैं ये काम तो मतलब बुरे पैरेंट हैं आप

By @dmin Published September 8, 2020
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ऐसा जरूरी नहीं है कि आपकी पेरेंटिंग का तरीका सही ही हो और हर पैरेंट्स अच्छे हों। पैरेंट्स को इस बात का एहसास भी नहीं होता है कि उनकी पेरेंटिंग का तरीका गलत है और इसका बुरा असर बच्चे पर पड़ रहा है।
आपकी ऐसी कई बातें और तरीके होते हैं जो आपको बैड पेरेंटिंग की कैटेगिरी में लाकर खड़ा कर देते हैं। अगर आपको भी यहां बताए गए संकेत मिल रहे हैं तो समझ लें कि आप एक बुरे पैरेंट हैं या अपने पेरेंटिंग स्टाइल में आपको बदलाव करने की जरूरत है।

Contents
सच बोलने पर भी बच्चे को डांटनादूसरों के सामने अनुशासन का दिखावा करनाप्रोत्साहित न करनाहमेशा आलोचना करनाहर वक्त प्रोटेक्ट करना

सच बोलने पर भी बच्चे को डांटना

बच्चे गलती करें और फिर उस गलती को मानकर माफी मांग लें तो इसमें कोई बुराई नहीं है। लेकिन अगर आप अपने बच्चे के सच बोलने पर भी उसे डांटते या फटकार लगाते हैं तो ये सही नहीं है। आपको ये बात समझनी चाहिए कि सच बोलने और अपनी गलती को मानने के लिए बहुत हिम्मत की जरूरत होती है और आपके बच्चे में वो हिम्मत है।

दूसरों के सामने अनुशासन का दिखावा करना

हो सकता है कि मेहमानों के आगे आप अपना आपा खो दें और अपने बच्चे को दूसरों के आगे बहुत डांटें या उनकी पिटाई कर दें। ये बैड पेरेंटिंग का संकेत होता है।
इसका बुरा असर बच्चे के आत्मविश्वास पर पड़ता है और अनुशासन में रहना सिखाने का यह तरीका बच्चे को शर्मिंदगी महसूस करवा सकता है। आपके ऐसा करने से आपके और बच्चे के बीच के रिश्ते में भी कड़वाहट पैदा हो सकती है।

प्रोत्साहित न करना

जब बच्चे सही करते हैं तो उन्हें प्रोत्सोहित करने या उनकी तारीफ करने की जरूरत होती है। वहीं, अगर आप हर बात पर अपने बच्चे को सीख ही देते हैं और उसके द्वारा किए गए कामों की प्रशंसा नहीं करते हैं तो आप एक बुरे पैरेंट हो सकते हैं। वहीं, जो पैरेंटस अपने बच्चों को दुलार नहीं दिखाते हैं या उनसे खुलकर प्यार नहीं करते हैं, वहां भी बच्चे अपने पैरेंटस से इमोशनली दूर होने लगते हैं।

हमेशा आलोचना करना

बच्चे की उपलब्धियों की तारीफ न करना और उसकी मेहनत पर गर्व महसूस न करना। बच्चा जो भी करे उसकी आलोचना करना या उसे डांटना। ये दोनों ही चीजें बैड पेरेंटिंग का संकेत होती हैं।
वहीं, जो पैरेंटस अपने बिजी शेडयूल से अपने बच्चों के लिए समय नहीं निकालते हैं और बच्चों के साथ बात नहीं करते हैं या उन्हें समय नहीं देते हैं, उन्हें भी बुरे पैरेंट की लिस्ट में शामिल किया जाता है।

हर वक्त प्रोटेक्ट करना

वैसे तो मां-बाप का काम ही अपने बच्चे को प्रोटेक्ट करना और उसकी देखभाल करना होता है लेकिन जब ये चीजें हद से बाहर हो जाएं तो गलत की लिस्ट में आ जाती हैं। अगर आप खुद ही अपने बच्चे को हर मुश्किल और चुनौती से बचा लेंगे तो उसे अपनी लड़ाई खुद लडऩे का मौका ही नहीं मिलेगा और इस दुनिया का सामना करने के लिए वो कभी मजबूत ही नहीं बन पाएगा।
साथ ही जो पैरेंटस अपने बच्चों को अपना निर्णय खुद नहीं लेने देते हैं तो वो पैरेंटस भी बुरे माता-पिता की लिस्ट में आते हैं। बच्चे को खुद अपनी गलतियों और निर्णयों से सीखने दें। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा।

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@dmin September 8, 2020
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