नई दिल्ली (एजेंसी)। मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने चंदा कोचर की बॉम्बे उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उनकी अपील को खारिज कर दिया है। इससे पहले बॉम्बे उच्च न्यायालय ने भी कोचर की आईसीआईसीआई बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंधक निदेशक (एमडी) के पद से बर्खास्तगी के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया था।

क्या है पूरा मामला?
प्रवर्तन निदेशालय ने इस साल की शुरुआत में चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर, धूत और अन्य के खिलाफ आईसीआईसीआई द्वारा वीडियोकॉन समूह को 1,875 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी देने के मामले में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच के लिए पीएमएलए के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था। इसके बाद ईडी ने सबूतों की तलाश के लिए एक मार्च को छापेमारी भी की थी।
सीबीआई ने वेणुगोपाल धूत की कंपनी सुप्रीम एनर्जी और दीपक कोचर की एक कंपनी का जिक्र एफआईआर में किया था। धूत ने कथित रूप से दीपक की कंपनी न्यूपावर रिन्यूवेबल्स लिमिटेड में अपनी कंपनी सुप्रीम इनर्जी के माध्यम से निवेश किया था जिसके बदले में चंदा कोचर आईसीआईसीआई बैंक से ऋण को मंजूरी दिला दें।




