दुर्ग। जिले के पाटन विकासखंड स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पतोरा की प्रधान पाठिका ममता शांडिल्य को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रधान पाठिका पर छात्रों से मारपीट व अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप है। इस मामले में ग्रामीणों व अभिभावकों कलेक्टर और शिक्षा विभाग से शिकायत की थी। शिकायत मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) दुर्ग ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की।विभागीय जांच में पुष्टि होने के बाद शिक्षा संभाग दुर्ग के संयुक्त संचालक ने गुरुवार को निलंबन आदेश जारी किया।
ग्रामीणों के अनुसार 18 जुलाई को एक छात्र को कथित रूप से कांटेदार डंडे से पीटा गया, जिससे उसके हाथ में चोट आई। आरोप है कि स्कूल के पीछे जाने का कारण पूछने पर उसके साथ मारपीट की गई। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी कई बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा चुका था। स्कूल के एक छात्र ने आरोप लगाया कि प्रधान पाठिका अक्सर कहती थीं, “पढ़ना है तो पढ़ो, नहीं तो टीसी लेकर चले जाओ। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे चाय बनवाई जाती थी और निजी काम भी कराए जाते थे। इस मामले में जांच के बाद कार्रवाई करते हुए प्रधान पाठिका ममता शांडिल्य को सस्पेंड कर दिया गया।

आदेश में कहा गया है कि प्रधान पाठिका के व्यवहार से विद्यालय की छात्राओं में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया था। पालकों और जनप्रतिनिधियों में भी उनके प्रति नाराजगी थी। विभाग के अनुसार इससे स्कूल का शैक्षणिक और अनुशासनात्मक वातावरण प्रभावित हुआ। प्रधान पाठिका का आचरण शासकीय दायित्वों के प्रति गैर-जिम्मेदाराना, लापरवाहीपूर्ण और स्वैच्छाचारी था। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का गंभीर उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, दुर्ग रहेगा।




