-दीपक रंजन दास
एक तरफ जहां देश भर में कांग्रेस का हिन्दुत्व विरोधी चेहरा दिखाया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ की कांग्रेस नीत सरकार इसे हर तरह से काउंटर और न्यूट्रल करने में सफल रही है. पिछले कुछ सालों में हिन्दू एकजुटता और अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ता आक्रोश ही भाजपा सरकार की मुख्य ताकत बनकर उभरी है. चुनाव आते ही ऐसे मामले और सोशल मीडिया पोस्ट पूरे शबाब पर आ जाते हैं जहां कुछ लोग चीख-चीख कर अपने हिन्दू होने का सबूत देने लगते हैं. उनका मानना है कि देश की जनता बहुत भोली है. उसे कुछ पता ही नहीं है. उन्हें लगता है कि चीख-चीख कर किसी बात को कहने से वह सच हो जाता है. पहले जहां यह साबित करने की कोशिश की जाती थी कि सोनिया विदेशी मूल की है वहीं अब विवाह के बाद इंदिरा के मुस्लिम हो जाने के लेकर इस आक्रोश को हवा दी जा रही है. पर देश भर में तस्वीर अब बदलने लगी है. इन आरोपों और बड़बोलेपन से लोग उकताने लगे हैं. लोग मदारियों के आसपास भीड़ लगाते हैं. उनकी ऊलजलूल बातें भी सुनते हैं. उनसे सांप भगाने की जड़ी, बिच्छू का जहर उतारने की बूटी, गंडे और ताबीज भी खरीद भी लेते हैं. पर जब काम याद आता है तो एक-एक कर खिसक भी जाते हैं. विभिन्न राज्यों के चुनावी परिणाम यही बता रहे हैं कि लोगों का भ्रम टूट रहा है. बेकार की बातों में उनकी रुचि कम हो रही है. इस बीच विवाह के बाद इंदिरा के मुस्लिम हो जाने को लेकर एक दिलचस्प जानकारी हाथ लगी है. इंदिरा के पति फिरोज खान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे. वे मूल रूप से पारसी थी. यहां बता दें कि पारस देश की स्थापना ऋषि अत्रि के वंशजों ने की थी. ऋषि अत्रि सप्तऋषियों में से एक हैं. देश के कृषि विकास में उनका अनुपम योगदान रहा है. पारसी भी अग्नि के उपासक थे. विष्णु के अंश से महायोगी दत्तात्रेय, ब्रह्मा के अंश से चन्द्रमा तथा शंकर के अंश से महामुनि दुर्वासा भी अत्रि-अनुसूया के ही पुत्र थे. मुसलमानों के अत्याचारों से त्रस्त होकर पारसी पहले दीव (दमण और दीव) में आकर बसे और फिर गुजरात और मुम्बई में बस गए. इनमें से कुछ लोगों का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन किया गया था जबकि पारसी भी भारतीयों के सहोदर हैं. अब जबकि संसद में अखण्ड भारत या भारत के प्रभाव वाले क्षेत्र का म्यूरल लग ही गया है तो इस बात की जानकारी सभी को होनी चाहिए. बहरहाल यहां बात छत्तीसगढ़ के न्यूट्रलाइजिंग फैक्टर की हो रही थी. छत्तीसगढ़ ने जहां राम वनगमन पथ से प्रभु श्रीराम की सेवा की, वहीं गौधन की सुरक्षा को लेकर भी अभिनव प्रयास प्रारंभ किये. मुख्यमंत्री ने शंकराचार्यों को अपने निवास पर बुलाकर शिव के निमित्त खड़ाऊं पूजा, उनका आशीर्वाद प्राप्त किया. अब कम से कम छत्तीसगढ़ में तो कांग्रेस सर्टिफाइड हिन्दू है
Gustakhi Maaf: भाजपा के हर वार को न्यूट्रल कर रहा छत्तीसगढ़




