-दीपक रंजन दास
आउटडोर गेम्स से सेहत सुधरती है, यह फंडा अब फ्लॉप हो चुका है. अब पैसा ही सेहत है. खेलने से ज्यादा पैसा अब खिलाड़ियों पर पैसा लगाने से आता है. आप अपने कमरे में बैठकर मोबाइल या लैपटॉप पर खेलकर करोड़ों के वारे-न्यारे कर सकते हो. व्यापार में पैसा कमाने का एक सीधा सा फार्मूला है – या तो आप कुछ एकदम नया करो, जिसमें आपके अलावा कोई घुसने का साहस न जुटा सके या फिर किसी काम को इतने अच्छे से करो कि चारों तरफ आपकी जय-जयकार हो जाए. कुछ ऐसा ही किया छत्तीसगढ़ के एक युवा समूह ने. उसने देखा कि क्रिकेट खेलने वालों से ज्यादा क्रिकेट और क्रिकेटर्स के फैन हैं. कुछ लोगों की क्रिकेट की समझ तो बीसीसीआई से भी आगे तक जाती है. ऐसे लोग खेल शुरू होने के तुरंत बाद बता देते हैं कि आज का मैच कौन जीतने वाला है. कौन सा बल्लेबाज आज कितने रन बनाएगा, किसकी सेंचुरी पूरी होगी और कौन सा गेंदबाज आज खूब पिटेगा. इन भविष्यवाणियों पर घर-घर पैसा लगता था. उन्होंने ऑनलाइन क्रिकेट गेमिंग का एक धंधा शुरू किया. पुलिस की नजर में यह सट्टा है. देश में सट्टा खिलाना अपराध है. इसलिए उन्होंने अपना ठीया दुबई में बनाया. दुबई में सट्टा लीगल है. क्रिकेट के सट्टे से उन्होंने इतना कमाकर दिखाया कि बड़े-बड़े कारोबारी और अफसर इसमें पैसा लगाने लगे. इसमें रियल एस्टेट, होटल कारोबारी, उद्योगपति, पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारी सभी शामिल हो गए. इस कंपनी ने इतना पैसा कमाया कि दुबई में अपनी सुरक्षा का ठेका तक दाऊद को दे दिया. इधर कुछ लोगों का कहना है कि यह पैसा पाकिस्तान भी जा रहा है, जहां लोगों को रोटियों के लाले पड़े हुए हैं. आरोप यह भी हैं कि यह पैसा आतंक की फंडिंग में भी लग रहा है. खूब मगजमारी और धरपकड़ के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है. अब ईडी भी इसमें जुड़ गई है. यह ऑनलाइन सट्टा है. पैसा सीधे खाते से लगता है और खाते में ही आता है. पर पैसा आते ही खाता खाली हो जाता है. पुलिस और ईडी इसी रहस्य को बेधने की कोशिश कर रहे हैं. आरोप है कि कुछ लोग आईडी खरीदकर दूसरों को सट्टा खिला रहे हैं. इसलिए पैसा आने के लगभग तुरंत बाद खाता खाली हो जाता है और सट्टा लगाने वालों को नकद भुगतान हो जाता है. वैलेंटाइन डे पर इस सट्टा किंग की शादी है. वह अपने कालेज की गर्लफ्रेंड से विवाह कर रहा है. यह शानदार विवाह क्रूज पर होगा जिसके लिए चार-चार क्रूज बुक हो चुके हैं. सैकड़ों कार्ड बंटे हैं. कार्ड के साथ महंगे तोहफे और ड्राइफ्रूट्स भी दिये गये हैं. लोगों को हवाईयात्रा की टिकट भेजी गई है. जिनके पास पासपोर्ट नहीं था, उनका पासपोर्ट रातों रात बनवा दिया गया. लाइफ में और क्या चाहिए? आज के भारत में तो पैसा ही भगवान है.
Gustakhi Maaf: खेल-खेल में सेहत का पुराना फंडा फ्लॉप




