ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: जिन्दा रहने की जद्दोजहद में फंसी दुनिया
Share
Notification Show More
Latest News
Bhilai Crime : विवाद के बाद पिकअप से कुचलकर युवक की हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार
September 27, 2026
भारतीय वायु सेना ने छत्तीसगढ़ में बाढ़ में फँसे 12 नागरिकों को सुरक्षित बचाया
September 27, 2026
भिलाई नगर थाने की लावारिश वाहन नीलाम, दुर्ग पुलिस के खजाने में आए 12 लाख से ज्यादा
September 27, 2026
नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार : मुख्यमंत्री साय
September 27, 2026
थाने से भागा छेड़छाड़ का आरोपी तीन दिन बाद गिरफ्तार, रात में आता था घर, पुलिस ने की घेराबंदी
September 27, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: जिन्दा रहने की जद्दोजहद में फंसी दुनिया

By Om Prakash Verma Published December 15, 2024
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
रायपुर में एक करीबी मित्र थे. लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनकी किडनी खराब हो गई थी. डायलिसिस चल रहा था. थोड़ा सा भोजन और चम्मच भर पानी पर दिन बीत रहे थे. पत्नी ने किडनी देने का प्रस्ताव दिया. टेस्ट में वे सफल भी रहीं. पर पति ने मना कर दिया. उनका मानना था कि जितनी जिन्दगी लिखी है, जितना साथ लिखा है उसे स्वीकार करना चाहिए. भिलाई में एक अस्पताल सहकर्मी के पिता की तबियत बिगड़ी. अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों की राय थी कि जीवन संकट में है. एक अंतिम कोशिश की जा सकती है. इसके लिए उन्हें वेंटीलेटर पर डालना होगा. रोगी खुद इसके लिए तैयार नहीं हुआ. वह अंतिम सांसें परिवार वालों की सोहबत में लेना चाहता था. शिक्षित तटस्थ परिवार था. उन्हें वापस घर ले जाया गया. तड़के उन्होंने दम तोड़ दिया. तब पूरा परिवार उनके साथ जाग रहा था. किसी ने हाथ पकड़ रखा था तो कोई सिर पर हाथ फेर रहा था. कुछ लोग पैरों के पास बैठे थे. दवाओं के असर से वे कोई तकलीफ महसूस नहीं कर रहे थे. उनके चेहरे पर गहरे सुकून के भाव थे. जिसने जन्म लिया है, उसकी मौत तो एक दिन आनी ही है. वह कितनी खूबसूरत होगी इसका फैसला भी खुद को ही करना होता है. चिकित्सा विज्ञान ने काफी तरक्की कर ली है. किसी की आंख, किसी की किडनी तो किसी का लिवर लेकर अपनी जिन्दगी को आगे बढ़ाया तो जा सकता है पर इसकी अपनी कीमत होती है. स्वाभाविक रूप से शरीर किसी भी बाहरी वस्तु को स्वीकार नहीं करता. उसका प्रतिरोध तंत्र घुसपैठिये अंग को स्वीकार नहीं करता है. प्रतिरोध तंत्र को शांत रखने के लिए दवाइयां दी जाती हैं. ये दवाइयां तब तक चलती रहती हैं जब तक कि प्रत्यारोपित अंग को रोगी का शरीर स्वीकार नहीं कर लेता. ये दवाइयां काफी महंगी होती हैं. अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती. इसके लिए उन्हें मानसिक रूप से तैयार होने का मौका ही नहीं मिलता. उनका पूरा ध्यान तो ऑर्गन डोनर और प्रत्यारोपण सर्जरी में लगने वाली रकम में लगा होता है. गरीब परिवार के युवाओं को अंग प्रत्यारोपण के लिए सरकारी मदद मिलती है. इसके बाद दवाओं के लिए भी उसे सहायता मिलती है. छत्तीसगढ़ में भी किडनी प्रत्यारोपण के कई मामले सरकारी मदद से हुए हैं. केन्द्र की योजना ऐसे सभी मरीजों को तीन साल तक प्रतिमाह 10 हजार रुपए का अनुदान देने की है. छत्तीसगढ़ के स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (सोटो) ने पिछले साल 119 मरीजों की लिस्ट केन्द्र को भेजी थी पर उन्हें अब तक स्वीकृति नहीं मिली है. इसलिए ट्रांसप्लांट कराने वालों को दवाइयों के पैसे नहीं मिल रहे हैं. अब रोगियों के प्राण दोबारा संकट में हैं. सवाल यह उठता है कि ट्रांसप्लांट और दवाइयों का अप्रूवल एक साथ एक पैकेज के तहत क्यों नहीं कर दिया जाता?

You Might Also Like

Bhilai Crime : विवाद के बाद पिकअप से कुचलकर युवक की हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार

भारतीय वायु सेना ने छत्तीसगढ़ में बाढ़ में फँसे 12 नागरिकों को सुरक्षित बचाया

भिलाई नगर थाने की लावारिश वाहन नीलाम, दुर्ग पुलिस के खजाने में आए 12 लाख से ज्यादा

नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार : मुख्यमंत्री साय

थाने से भागा छेड़छाड़ का आरोपी तीन दिन बाद गिरफ्तार, रात में आता था घर, पुलिस ने की घेराबंदी

Om Prakash Verma December 15, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article कल लोकसभा में पेश नहीं होगा एक देश एक चुनाव विधेयक, सरकार ने टाला फैसला कल लोकसभा में पेश नहीं होगा एक देश एक चुनाव विधेयक, सरकार ने टाला फैसला
Next Article किरण देवजी के नेतृत्व में भाजपा के सदस्यता अभियान में उत्कृष्ट उपलब्धि :दक्ष वैद्य किरण देवजी के नेतृत्व में भाजपा के सदस्यता अभियान में उत्कृष्ट उपलब्धि :दक्ष वैद्य

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?