ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: उफ्फ ! इन गर्मियों का क्या करें
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: उफ्फ ! इन गर्मियों का क्या करें

By Om Prakash Verma
Published: May 5, 2024
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

_दीपक रंजन दास
दो दिन बाद राज्य की सात लोकसभा सीटों के लिए मतदान होना है। चुनावों के साथ अब मौसम के तापमान की भी बातें होने लगी हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मतदान के दिन पारा 44 पार हो सकता है। पर सिवाय घटते वनों पर रोने-पीटने के, करने को ज्यादा कुछ रह नहीं गया है। पहले गर्मियों के आरंभ तक स्कूल-कालेज की परीक्षाएं समाप्त हो जाती थीं। बच्चे गांव चले जाते थे। पर जब से मुआ सेमेस्टर सिस्टम शुरू हुआ है, स्कूल कालेज बंद करने का मौका ही नहीं मिलता। स्कूल कालेज बंद होते थे तो शहरों में बिजली की खपत भी कम हो जाती थी। बाल बच्चे गांव चले जाते थे तो घरेलू बिजली की खपत भी कम हो जाती थी। बच्चे गांव में जाकर खेलते कूदते। विस्तृत परिवार के अन्य सदस्यों से घुलना-मिलना हो जाता। शहरों में रहने वाले बच्चे भी ग्रामीण परिवेष से परिचित हो जाते। गर्मी की छुट्टियां कहानियां पढऩे, हस्तकला सीखने के भी काम आतीं। दरअसल, तब हम परिवेष के अनुसार अपनी जीवन पद्धति को ढालते थे। अंग्रेजों ने तो अपने शासनकाल में ग्रीष्मकालीन राजधानी ही अलग बसा ली थी। 1864 में अंग्रेजों ने शिमला को अपनी ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर दिया था। सरकार खुद भी सुकून से थी और सरकार से मिलने के लिए आने-जाने वाले भी सुकून महसूस करते थे। शिमला बाद में पंजाब प्रांत का और अब हिमाचल प्रदेश का प्रादेशिक मुख्यालय है। गर्मियों से बचने के लिए ब्रिटिशकालीन इमारतों की छतों को खूब ऊंचा बनाया जाता था। दीवारें भी मोटी-मोटी होती थीं। आज भी कई जिलों के मुख्य दफ्तर इन्हीं पुरानी इमारतों में हैं जहां ग्रीष्म की मार कुछ कम पड़ती है। पर अब गर्मियों का मुकाबला हम एयरकंडीशनिंग से करते हैं। एक एयरकंडीशनर भीतर जितना ठंडा करता है, बाहर उतनी ही गर्मी पैदा करता है। वैसे भी एसी कहां सबको मयस्सर है। सबको एसी सुख दे भी दें तो इतनी बिजली कहां से आएगी। अर्थात बिजली और एसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। अधिकतर बिजली ताप विद्युत संयंत्रों में बनती है। इन्हें चलाने के लिए पानी और कोयले की जरूरत पड़ती है। कोयले के लिए पेड़ काटने पड़ते हैं। हमसे ज्यादा तो मेंढक समझदार हैं। गर्मियों में मेंढक सीतनिद्रा में चले जाते हैं। मौसम अनुकूल होने पर ही वो फिर से बाहर आते हैं। मनुष्य ऐसा नहीं कर सकता। पर वह इतना तो कर ही सकता है कि इस मौसम में अपनी गतिविधियों को न्यूनतम कर ले। अब प्रतियोगिता परीक्षाओं को ही लें। मेडिकल कालेजों में प्रवेश के लिए आज नीट यूजी की परीक्षा है। इस बार 24 लाख विद्यार्थियों ने इसके लिए आवेदन किया है। इस भीषण गर्मी में इन विद्यार्थियों को घंटों परीक्षा केन्द्र में बंद रहना पड़ता है। उनके माता-पिता बाहर नाक-मुंह ढांपे पेड़ों की छांव ढूंढते फिरते हैं। क्या इसकी तारीख नहीं बदली जा सकती? इस ढिठाई का आखिर क्या मतलब है?

छत्तीसगढ़ में कोरोना: प्रदेश में कोरोना से मौतोंं का आंकड़ा पहुंचा 1300 के पार…. सामने आए 2619 नए केस.. कुल संक्रमितों का आंकड़ा 1 लाख 47 हजार के पार
मुख्यमंत्री ने राजिम माघी पुन्नी मेले की प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
CG News: बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर नक्सलियों से मुठभेड़, एनकाउंटर में दो माओवादी ढेर; एक जवान भी शहीद
Gustakhi Maaf: सीज फायर से क्यों परेशान हैं लोग
पहले से ज्यादा खतरनाक होता है मरीज पर कोरोना का दूसरा अटैक, डराने वाला है यह नया रिसर्च
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article 45 डिग्री के ऊपर पारा लेकिन भीषण गर्मी में मिलेगा राहत! प्रदेश में बारिश की संभावना 45 डिग्री के ऊपर पारा लेकिन भीषण गर्मी में मिलेगा राहत! प्रदेश में बारिश की संभावना
Next Article लोकसभा चुनाव 2024 : आज शाम से थम जाएगा चुनावी शोरगुल, दुर्ग सहित 7 सीटों पर होगा मतदान
× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?