ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: बटकी म बासी अऊ चुटकी म नून
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: बटकी म बासी अऊ चुटकी म नून

By Om Prakash Verma
Published: April 19, 2024
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
“बटकी म बासी अउ चुटकी म नून, मैं गावत हंव ददरिया तैं कान देके सुन.” दो साल पहले मजदूर दिवस से पहले इस ददरिया ने खूब हंगामा मचाया था. तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोगों से कहा था कि छत्तीसगढ़ के इस पारम्परिक व्यंजन को अब गरिमा प्रदान करने का वक्त आ गया है. युवा पीढ़ी को बासी खाने के लिए प्रेरित करने के लिए उन्होंने यह भी कहा कि बोरे बासी शरीर को ठंडा रखता है. पाचन शक्ति बढ़ाता है. त्वचा की कोमलता और वजन संतुलित करने में भी यह रामबाण है. बोरे बासी में सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं. हालांकि, दुनिया इसे गरीब का भोजन समझती है पर असल में यह मैदानी छत्तीसगढ़ के लिए रामबाण की तरह है. छत्तीसगढ़ ही क्यों पड़ोसी राज्य ओडीशा में भी प्रतिवर्ष 20 मार्च को ‘पखाल दिवस’ मनाया जाता है. इसकी शुरुआत 2014 में की गई थी. माना जाता है कि ‘पखाल’ अर्थात पके हुए चावल को ठंडे पानी में डालने की शुरुआत भी ओडीशा से ही हुई. 10वीं सदी के आसपास पुरी के जगन्नाथ मंदिर में पखाल बनाए जाने का उल्लेख मिलता है. पखाल दो प्रकार का होता है. रात में बचे हुए चावल को पानी में डुबो कर सुबह उसे ग्रहण करने को ठंडा पखाल और दिन में पके चावल को पुनः ठंडे पानी में डालकर उसे ग्रहण करना गर्म पखाल कहलाता है. छत्तीसगढ़ी में इसे क्रमशः बासी और बोरे कहा जाता है. वैज्ञानिक तथ्यों के मुताबिक बोरे और बासी में ग्रीष्म ऋतु को मात देने की अद्भुत क्षमता होती है. बोरे-बासी गर्मियों में लोगों की सुरक्षा करती है. बोरे बासी को पौष्टिक आहार माना गया है. गर्मी के मौसम में जब तापमान अधिक होता है तब बोरे बासी लू से बचाने का काम करती है. बोरे-बासी में प्रचुर मात्रा में पानी होता है. उल्टी, दस्त जैसी बीमारियों में यह शरीर में पानी की कमी को दूर करती है. छत्तीसगढ़ में इसका सेवन दही, अथान पापड़, चटनी, बिजौरी, भाजी जैसी चीजों के साथ किया जाता है. बोरे बासी जहां गर्मी के मौसम में ठंडक प्रदान करती है, वहीं पेट विकार को दूर करने के साथ ही पाचन के लिए यह गुणकारी भोजन है. इसीलिए जब 1 मई 2022 को छत्तीसगढ़ ने पहली बार बोरे-बासी दिवस मनाया तब कलेक्टर, आईजी से लेकर सभी उच्च पदस्थ शासकीय अधिकारियों, विधायकों एवं सांसदों ने भी अकेले या सामूहिक रूप से बोरे-बासी का सेवन किया और इसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की. सभी अखबारों में इन तस्वीरों को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया. अनेक होटल और रेस्तरां भी बोरे-बासी परोसने लगे. मजदूर दिवस को अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं. पर अब राज्य में सत्ता बदल चुकी है. देखना यह है कि क्या बोरे-बासी भी राजनीति का शिकार हो जाती है या इस सहज-सुलभ रामबाण औषधि को आगे बढ़ाने में साय सरकार भी अपना योगदान देती है.

पुलिस-नक्सली मुठभेड़: दो महिला सहित एक पुरूष नक्सली ढेर, हथियार, विस्फोटक व अन्य सामान बरामद
महतारी वंदन योजना: आवेदन के लिए उमड़ी भीड़, दिखा महिलाओं में उत्साह, अब तक 1 लाख 20 हजार 741 फार्म हुए जमा
बुजुर्गों को निर्वाचन आयोग ने दी राहत, घर बैठे डाल सकेंगे वोट
छत्तीसगढ का कोविड टीकाकरण: सभी वर्गो में उत्कृष्ट प्रदर्शन…. 45+ टीकाकरण में प्रथम दस राज्यों तो स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के टीकाकरण में पहले दो राज्यों में शामिल
बैकलेस बॉडीकॉन गाउन में अवनीत कौर ने ढाया कहर, अपनी कातिलाना अदाओं से छलनी किए दिल
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article Loksabha Election-24: मतदान की हर पल की गतिविधियों पर तीसरी आंख रख रही नजर, कंट्रोल रूम स्थापित Loksabha Election-24: मतदान की हर पल की गतिविधियों पर तीसरी आंख रख रही नजर, कंट्रोल रूम स्थापित
Next Article नौसेना प्रमुख की नई जिम्मेदारी संभालेंगे वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, जानिए नए चीफ के बारे में नौसेना प्रमुख की नई जिम्मेदारी संभालेंगे वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, जानिए नए चीफ के बारे में

Ro.No.-13784/19

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?