ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: बटकी म बासी अऊ चुटकी म नून
Share
Notification Show More
Latest News
नवमी पर विधायक रिकेश ने किया 101 नवजात कन्याओं का पूजन, 11-11 हजार का सुरक्षा किट भेंट
October 19, 2026
कल से शुरू होगी रावघाट के लिए मेमू, अभनपुर-कुरूद ब्रॉड गेज लाइन का भी होगा उद्घाटन
October 19, 2026
अपराधियों का MCU एवं NAFIS में बायोमेट्रिक रिकॉर्ड बना रही दुर्ग पुलिस
October 19, 2026
भलपहरी और अचानकपुर में ग्रामीणों के बीच पहुंचे डिप्टी सीएम शर्मा, दी 48 लाख रुपए के विकास कार्यों की सौगात
October 19, 2026
राष्ट्रीय एकता और नशामुक्त भारत का संदेश लेकर कबीरधाम पहुंची राष्ट्रीय बाइक रैली का भव्य स्वागत
October 19, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: बटकी म बासी अऊ चुटकी म नून

By Om Prakash Verma Published April 19, 2024
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
“बटकी म बासी अउ चुटकी म नून, मैं गावत हंव ददरिया तैं कान देके सुन.” दो साल पहले मजदूर दिवस से पहले इस ददरिया ने खूब हंगामा मचाया था. तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोगों से कहा था कि छत्तीसगढ़ के इस पारम्परिक व्यंजन को अब गरिमा प्रदान करने का वक्त आ गया है. युवा पीढ़ी को बासी खाने के लिए प्रेरित करने के लिए उन्होंने यह भी कहा कि बोरे बासी शरीर को ठंडा रखता है. पाचन शक्ति बढ़ाता है. त्वचा की कोमलता और वजन संतुलित करने में भी यह रामबाण है. बोरे बासी में सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं. हालांकि, दुनिया इसे गरीब का भोजन समझती है पर असल में यह मैदानी छत्तीसगढ़ के लिए रामबाण की तरह है. छत्तीसगढ़ ही क्यों पड़ोसी राज्य ओडीशा में भी प्रतिवर्ष 20 मार्च को ‘पखाल दिवस’ मनाया जाता है. इसकी शुरुआत 2014 में की गई थी. माना जाता है कि ‘पखाल’ अर्थात पके हुए चावल को ठंडे पानी में डालने की शुरुआत भी ओडीशा से ही हुई. 10वीं सदी के आसपास पुरी के जगन्नाथ मंदिर में पखाल बनाए जाने का उल्लेख मिलता है. पखाल दो प्रकार का होता है. रात में बचे हुए चावल को पानी में डुबो कर सुबह उसे ग्रहण करने को ठंडा पखाल और दिन में पके चावल को पुनः ठंडे पानी में डालकर उसे ग्रहण करना गर्म पखाल कहलाता है. छत्तीसगढ़ी में इसे क्रमशः बासी और बोरे कहा जाता है. वैज्ञानिक तथ्यों के मुताबिक बोरे और बासी में ग्रीष्म ऋतु को मात देने की अद्भुत क्षमता होती है. बोरे-बासी गर्मियों में लोगों की सुरक्षा करती है. बोरे बासी को पौष्टिक आहार माना गया है. गर्मी के मौसम में जब तापमान अधिक होता है तब बोरे बासी लू से बचाने का काम करती है. बोरे-बासी में प्रचुर मात्रा में पानी होता है. उल्टी, दस्त जैसी बीमारियों में यह शरीर में पानी की कमी को दूर करती है. छत्तीसगढ़ में इसका सेवन दही, अथान पापड़, चटनी, बिजौरी, भाजी जैसी चीजों के साथ किया जाता है. बोरे बासी जहां गर्मी के मौसम में ठंडक प्रदान करती है, वहीं पेट विकार को दूर करने के साथ ही पाचन के लिए यह गुणकारी भोजन है. इसीलिए जब 1 मई 2022 को छत्तीसगढ़ ने पहली बार बोरे-बासी दिवस मनाया तब कलेक्टर, आईजी से लेकर सभी उच्च पदस्थ शासकीय अधिकारियों, विधायकों एवं सांसदों ने भी अकेले या सामूहिक रूप से बोरे-बासी का सेवन किया और इसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की. सभी अखबारों में इन तस्वीरों को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया. अनेक होटल और रेस्तरां भी बोरे-बासी परोसने लगे. मजदूर दिवस को अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं. पर अब राज्य में सत्ता बदल चुकी है. देखना यह है कि क्या बोरे-बासी भी राजनीति का शिकार हो जाती है या इस सहज-सुलभ रामबाण औषधि को आगे बढ़ाने में साय सरकार भी अपना योगदान देती है.

You Might Also Like

नवमी पर विधायक रिकेश ने किया 101 नवजात कन्याओं का पूजन, 11-11 हजार का सुरक्षा किट भेंट

कल से शुरू होगी रावघाट के लिए मेमू, अभनपुर-कुरूद ब्रॉड गेज लाइन का भी होगा उद्घाटन

अपराधियों का MCU एवं NAFIS में बायोमेट्रिक रिकॉर्ड बना रही दुर्ग पुलिस

भलपहरी और अचानकपुर में ग्रामीणों के बीच पहुंचे डिप्टी सीएम शर्मा, दी 48 लाख रुपए के विकास कार्यों की सौगात

राष्ट्रीय एकता और नशामुक्त भारत का संदेश लेकर कबीरधाम पहुंची राष्ट्रीय बाइक रैली का भव्य स्वागत

Om Prakash Verma April 19, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article Loksabha Election-24: मतदान की हर पल की गतिविधियों पर तीसरी आंख रख रही नजर, कंट्रोल रूम स्थापित Loksabha Election-24: मतदान की हर पल की गतिविधियों पर तीसरी आंख रख रही नजर, कंट्रोल रूम स्थापित
Next Article नौसेना प्रमुख की नई जिम्मेदारी संभालेंगे वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, जानिए नए चीफ के बारे में नौसेना प्रमुख की नई जिम्मेदारी संभालेंगे वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, जानिए नए चीफ के बारे में

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?