ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: एक दशक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकते हैं गैस के दाम, ओएनजीसी का राजस्व हो सकता है प्रभावित
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNational

एक दशक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकते हैं गैस के दाम, ओएनजीसी का राजस्व हो सकता है प्रभावित

By @dmin
Published: August 16, 2020
Share
एक दशक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकते हैं गैस के दाम, ओएनजीसी का राजस्व हो सकता है प्रभावित
एक दशक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकते हैं गैस के दाम, ओएनजीसी का राजस्व हो सकता है प्रभावित
SHARE

नई दिल्ली (एजेेंसी)। देश में प्राकृतिक गैस के दाम अक्तूबर में घटकर 1.9 से 1.94 डॉलर प्रति इकाई पर आ सकते हैं। यह देश में पिछले एक दशक से अधिक में प्राकृतिक गैस कीमतों का सबसे निचला स्तर होगा। इससे ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) जैसी गैस उत्पादक कंपनियों का राजस्व बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। इन कंपनियों को पहले से ही गैस उत्पादन पर भारी नुकसान हो रहा है।
मामले से जुड़े सूत्रों ने कहा कि एक अक्तूबर से गैस कीमतों में संशोधन होना है। गैस निर्यातक देशों की बेंचमार्क दरों में बदलाव के हिसाब से गैस का दाम घटकर 1.90 से 1.94 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) रह जाएगा। एक साल में यह गैस कीमतों में लगातार तीसरी कटौती होगी। इससे पहले अप्रैल में गैस कीमतों में 26 प्रतिशत की बड़ी कटौती हुई थी, जिससे इसके दाम घटकर 2.39 डॉलर प्रति इकाई रह गए थे।
प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल उर्वरक और बिजली उत्पादन में होता है। इसके अलावा इसे सीएनजी में बदला जाता है, जिसका इस्तेमाल वाहनों में होता है। साथ ही रसोई गैस के रूप में भी इसे इस्तेमाल में लाया जाता है। गैस के दाम प्रत्येक छह माह में, एक अप्रैल और एक अक्तूबर को तय किए जाते हैं।
सूत्रों का कहना है कि गैस कीमतों में कटौती का मतलब है कि देश की सबसे बड़ी तेल एवं गैस उत्पादक ओएनजीसी का घाटा और बढ़ जाएगा। ओएनजीसी को 2017-18 में गैस कारोबार में 4,272 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। सूत्रों ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में इसके बढ़कर 6,000 करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है।
ओएनजीसी को प्रतिदिन 6.5 करोड़ घनमीटर गैस के उत्पादन पर नुकसान हो रहा है। सरकार ने नवंबर, 2014 में नया गैस मूल्य फॉर्मूला पेश किया था। यह अमेरिका, कनाडा और रूस जैसे गैस अधिशेष वाले देशों के मूल्य केंद्रों पर आधारित है। मौजूदा समय में 2.39 डॉलर प्रति इकाई का गैस का दाम पिछले एक दशक से अधिक में सबसे कम है।
सूत्रों ने बताया कि ओएनजीसी ने हाल में सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि नई खोजों से गैस उत्पादन में 5-9 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू का दाम होने पर ही वह लाभ की स्थिति में रह सकती है।
मई, 2010 में सरकार ने बिजली और उर्वरक कंपनियों को बेची जाने वाली गैस का दाम 1.79 डॉलर प्रति इकाई से बढ़ाकर 4.20 डॉलर प्रति इकाई किया था। ओएनजीसी और ऑयल इंडिया को उन्हें नामांकन के आधार पर दिए गए क्षेत्रों से गैस उत्पादन के लिए 3.818 डॉलर प्रति इकाई का दाम मिलता था। इसमें 10 प्रतिशत रॉयल्टी जोडऩे के बाद उपभोक्ताओं के लिए इसकी लागत 4.20 डॉलर बैठती थी।
कांग्रेस की अगुवाई वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार (संप्रग) ने एक नए मूल्य फॉर्मूला को मंजूरी दी थी, जिसका क्रियान्वयन 2014 से होना था। इससे गैस के दाम बढ़ जाते। लेकिन भाजपा की अगुवाई वाली सरकार ने इसे रद्द कर दिया था और एक नया फॉर्मूला पेश किया था। इस फॉर्मूला के जरिए पहले संशोधन के समय गैस के दाम 5.05 डॉलर प्रति इकाई रहे, लेकिन इसके बाद छमाही संशोधन में गैस के दाम नीचे आते रहे। अप्रैल, 2017 से सितंबर, 2017 की अवधि के दौरान गैस के दाम 2.48 डॉलर प्रति इकाई पर आ गया।
अप्रैल, 2019 से सितंबर, 2019 के दौरान यह बढ़कर 3.69 डॉलर पर पहुंच गया। उसके बाद अक्तूबर, 2019 में 3.23 डॉलर प्रति इकाई पर आ गए।

सीएम भूपेश बघेल के जन्मदिन पर रक्तदान शिविर: प्रदेश महासचिव जितेन्द्र साहू की पहल पर 15 लोगों ने किया रक्तदान
कोरोना वैक्सीन: पीएम मोदी बोले- सबको मिलेगा टीका, एक भी भारतीय नहीं छूटेगा
इंद्रावती नदी तट से नक्सलियों ने पार कर दिया था सरकारी मोटरबोट, 11 दिन बाद लौटाया… प्रशासन ने ली राहत की सांस
सुप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथ पुरी रथयात्रा की दी सशर्त अनुमति: भीड़ को रोकने किया जाए यह काम
क्वालिटी एंड प्रोडक्ट्स का बेहतर संग्रह है भिलाई का मदर्स मार्केट… हर एक उत्पाद को लोग कर रहे पसंद
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article रूस ने तैयार की कोरोना वैक्सीन की पहली खेप, डब्ल्यूएचओ ने अभी तक नहीं दी मंजूरी रूस ने तैयार की कोरोना वैक्सीन की पहली खेप, डब्ल्यूएचओ ने अभी तक नहीं दी मंजूरी
Next Article विधानसभा चुनाव से पहले जेडीयू को झटका, मंत्री श्याम रजक ने पार्टी छोडऩे का किया एलान विधानसभा चुनाव से पहले जेडीयू को झटका, मंत्री श्याम रजक ने पार्टी छोडऩे का किया एलान

Ro.-13624/52

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?