ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: सुप्रीम कोर्ट से पूर्व एडीजीपी जीपी सिंह को मिली बड़ी राहत: चार हफ्तों तक किसी भी तरह की कार्रवाई पर लगाई रोक… जाने सुनवाई के दौरान क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhFeaturedRaipur

सुप्रीम कोर्ट से पूर्व एडीजीपी जीपी सिंह को मिली बड़ी राहत: चार हफ्तों तक किसी भी तरह की कार्रवाई पर लगाई रोक… जाने सुनवाई के दौरान क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने

By @dmin
Published: August 26, 2021
Share
निलंबित आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह हिरासत में, आज रायपुर की अदालत में पेशी
निलंबित आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह हिरासत में, आज रायपुर की अदालत में पेशी
SHARE

रायपुर। छत्तीसगढ़ के निलंबित एडीजीपी जीपी सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जीपी सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। अधिकारी के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार ने राजद्रोह और आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के दो आपराधिक मामले दर्ज कराए थे।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार बदलने पर राजद्रोह के मामले दायर करना एक परेशान करने वाली प्रवृत्ति है। प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने राज्य पुलिस को इन मामलों में अपने निलंबित वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी गुरजिंदर पाल को गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश दिया है। पीठ ने सिंह को जांच में एजेंसियों के साथ सहयोग करने के भी निर्देश दिए।

पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में यह बहुत परेशान करने वाली प्रवृत्ति है और पुलिस विभाग भी इसके लिए जिम्मेदार है। जब कोई राजनीतिक पार्टी सत्ता में होती है तो पुलिस अधिकारी उस (सत्तारूढ़) पार्टी का पक्ष लेते हैं। फिर जब कोई दूसरी नई पार्टी सत्ता में आती है तो सरकार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करती है। इसे रोकने की आवश्यकता है। 

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को चार हफ्तों के भीतर दो अलग-अलग याचिकाओं पर जवाब देने का भी निर्देश दिया और इस दौरान पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। निलंबित पुलिस अधिकारी की ओर से वरिष्ठ वकील एफ एस नरीमन और विकास सिंह पेश हुए और राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी तथा राकेश द्विवेदी पेश हुए।

कंगाली से परेशान पाकिस्तान नहीं उठा पा रहा हवाई अड्डे का खर्च, विदेशी एजेंसी करेगी संचालन
आंध्र प्रदेश में ऑनलाइन गेम्स पर लगा प्रतिबंध…. पकड़े जाने पर होगी जेल…. कैबिनेट की मंजूरी
जनसंख्या से तय होगा महापौर व जिला पंचायत अध्यक्ष का आरक्षण, कैबिनेट की बैठक में फैसला
प्रतिमा का अनावरण: सीएम बघेल ने कहा- छत्तीसगढ़ की अस्मिता, स्वाभिमान और सम्मान की प्रतीक हैं छत्तीसगढ़ महतारी
अग्निपथ योजना : नई पहल से सेना की रेजिमेंटल प्रणाली में नहीं होगा कोई भी बदलाव, यहां जानें प्रमुख सवालों के जवाब
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article श्रीकंचनपथ 304 # 17 august 2021 श्रीकंचनपथ 312 # 26 august 2021
Next Article MLA Vora came out in the roads to fill the pits with the officials अधिकारियों के साथ गड्ढे भरवाने सड़कों में निकले विधायक वोरा… कहा- निर्माण कार्यों के दौरान आमजनों को ना हो असुविधा

Ro. No.-13759/19

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?