कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में वन विभाग ने जंगल की लकड़ियों की तस्करी वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। वन मंडल कोरका की टीम ने जिले के ग्राम कुदमुरा में सोमवार को कीमती लकड़ियों के अवैध भंडारण का भांडाफोड़ किया है। तीन घरों में छापा मारकर यहां से 2 लाख 21 हजार रुपए की कीमती लकड़ियां जब्त की गई हैं। मामले में वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

दरअसल कोरबा वन विभाग के कुदमुरा रेंज मुख्यालय से लगे गांवों में लगातार अवैध रूप से लकड़ी काटकर भंडारण व विक्रय किए जाने की शिकायतें मिल रही थी। शिकायतों को देखते हुए डीएफओ प्रेमलता यादव ने कार्रवाई के निर्देश दिए। एसडीओ एसके सोनी के साथ 40 वन अधिकारियों की तीन टीम बनाई गई। सोमवार की दोपहर में पुलिस बल के साथ वन विभाग की टीम ने आठ जगहों पर छापामार कर साल और सागौन प्रजाति की लकड़ियां जब्त की। इसमें रेशम विभाग कुदमुरा के परिसर भी शामिल था। यहां से सागौन और साल इमरती लकड़ी जब्त हुई। वन विभाग की टीम ने लछन सिंह राठिया के साथ दो और घर-बाड़ी बाड़ी से लकड़ी बरामद किया।
बताया जा रहा है कि पकड़ा गया आरोपी कुदमुरा निवासी श्याम दास, राम दास व लछन सिंह राठिया है और इनके पास से जो लकड़ियां जब्त की गई है वो सागौन प्रजाति के अधिक लकड़ी है। बताया रहा है कि पकड़ा गया रामदास गांव का कोटवार है। यहां लोग मकान बनाने के लिए जंगल से लकड़ी काटकर लाए थे। इससे पहले बालको रेंज के गढ़कटरा में भी बड़ी मात्रा में लकड़ी बरामद की गई थी। टीम में कुमुरा, करतला, पसरखेत और बालको रेंज के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे।
मामले में रेशम विभाग के दो कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। पांच लोगों के खिलाफ वन अधिनियम का मामला दर्ज किया गया है। जंगलों में अवैध रूप से लकड़ी तस्कर तस्करों को रोकने वन विभाग लगातार प्रयास कर रही है और उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कर्मचारी संबंधित क्षेत्र में नजर रखे हुए हैं। वह इसके लिए एक अलग से टीम भी तैयार की है, जो लगातार जंगली क्षेत्र में सर्च कर रही है।




