ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: जैविक पद्धति से मछली पालन कर रहे जिले के किसान…. विधायक व कलेक्टर ने किया प्रोत्साहित
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Durg-BhilaiFeatured

जैविक पद्धति से मछली पालन कर रहे जिले के किसान…. विधायक व कलेक्टर ने किया प्रोत्साहित

By @dmin
Published: September 25, 2020
Share
Farmers of the district who are rearing fish by organic method
Farmers of the district who are rearing fish by organic methodFarmers of the district who are rearing fish by organic method
SHARE

दुर्ग। जिले के किसान हाइटेक तरीके से जैविक मत्स्यपालन की ओर बढ़ रहे हैं। इन किसानों द्वारा किये जा रहे नवाचारों को देखने आज विधायक अरुण वोरा, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे एवं जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक ग्राम तिरगा और ग्राम बोड़ेगांव पहुंचे। गांव बोड़ेगांव के किसान रत्नाकर जंपाला ने स्टेनलेस स्टील से बना इजराइली पद्धति रिसाइक्लिंग एक्वा प्लांट आरंभ किया है। इसी तरह ही तिरगा में सुरेंद्र बेलचंदन भी आर्गेनिक तरीके से मत्स्यपालन कर रहे हैं। इससे उनकी आय काफी बढ़ी है। विधायक श्री वोरा ने कहा कि आर्गेनिक पद्धति से मत्स्यपालन करने से मत्स्यपालकों की आय भी बढ़ेगी, लागत भी घटेगी और प्राकृतिक संसाधनों के ही इस्तेमाल से बेहतर खेती हो पाएगी।

Contents
  • फिश यूनिट का माडल इजराइल का
  • विदेशों की सबसे अच्छी टेक्नालाजी अपनाकर मछलीपालन कर रहे किसान

तिरगा में किसान बेलचंदन ने बताया कि वे गोबर खाद का अच्छा उपयोग कर रहे हैं। प्लैंकटन के उत्पादन से मत्स्यवृद्धि अच्छी होती है। किसान रत्नाकर जंपाला ने बताया कि उनका फिश फार्म यूनिट 13 हजार स्क्वायर मीटर में फैला है। यह एकड़ का चैथा हिस्सा है लेकिन यहां लगभग उतनी ही मछलियां पल रही हैं जितनी मछली पालन के लिए बनाये गए 50 एकड़ में पलतीं। उन्होंने कहा कि यहां जैविक तरीके से मत्स्यपालन करने के इच्छुक किसानों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इस मौके पर कलेक्टर ने कहा कि खेती के साथ पशुपालन और मत्स्यपालन जैसी अनुषांगिक गतिविधियां बेहद जरूरी हैं। रत्नाकर और बेलचंदन जैसे किसान पशुपालन कर गोबर खाद का कितना बेहतर उपयोग कर रहे हैं। पूरे देश में फिशिंग मार्केट में जबर्दस्त संभावना है। इस क्षेत्र में यदि अंचल के किसान जैविक तरीके से उत्पादित मछलियां लेकर जाएं और आधुनिक तरीकों का उपयोग कर कम लागत में अधिकतम उत्पादन करें तो आय की अच्छी संभावनाएं बनती हैं।

फिश यूनिट का माडल इजराइल का

उल्लेखनीय है कि रत्नाकर की फिश यूनिट का माडल इजराइल का है यहां एक-एक बूंद बचाकर खेती करना होता है। रत्नाकर बताते हैं कि यदि मैं एक एकड़ में मछली पालन करूं तो मुझे कम से कम साढ़े चार फीट पानी का स्तर रखना होगा, इसके लिए दस एचपी मोटर का पंप लगाना होगा। इसमें बेहिसाब पानी लगेगा। इस पद्धति में पानी का काफी कम उपयोग होता है क्योंकि यह रिसाइकल हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस प्लांट में ड्राई मछली बीट भी काफी निकलती है। हर दिन लगभग 60 किलोग्राम सूखी मछली बीट निकलती है। इस तरह से इसे बेचकर भी लाभ की काफी संभावनाएं बन जाती हैं।

विदेशों की सबसे अच्छी टेक्नालाजी अपनाकर मछलीपालन कर रहे किसान

रत्नाकर की फिश यूनिट में रिसाइक्लिंग पानी का माडल इजराइल का है। मछलियों को पूरी तरह संक्रमण से मुक्त करने 20 लाख रुपए की लागत से उन्होंने बायो चिप लगाई है। यह बायो चिप न्यूजीलैंड से मंगाई है। इसकी विशेषता है कि इसमें एक खास तरह का बैक्टीरिया है जो मछलियों में पनपने वाले और इसे नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को खा लेता है। अभी यहां के मछली उत्पादक स्थानीय बाजार की जरूरतों को पूरा नहीं कर पाते। मछलियां आंध्रप्रदेश और कोलकाता से बड़ी मात्रा में आती हैं। ऐसे में यदि किसान जैविक तरीके से मछली पालन कर बाजार की जरूरतों को पूरा करें तो जैविक होने की वजह से आय भी अच्छी होगी और आर्थिक लाभ भी बढ़ जाएगा।

मंत्री ताम्रध्वज साहू व पीसीसी महासचिव जीतेन्द्र साहू के अनुशंसा से मिली ई-रिक्शा की सौगात, अब ई-रिक्शा से होगा कचरा कलेक्शन
Big Breaking: भिलाई में रिश्वत लेते पटवारी और सूरजपुर में शिक्षा विभाग का अधिकारी गिरफ्तार, ACB की कार्रवाई
Bhilai Breaking : ठीक से बाइक चलाने के लिए कहना बुजुर्ग को पड़ा भारी, बदमाश ने पीट-पीटकर ले ली जान
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र : राज्यपाल रमेन डेका का अभिभाषण, बोले- ग्लोबल मैप में छत्तीसगढ़ की सुंदरता
छत्तीसगढ़ में 10 लाख के पार पहुंची मरीजों की संख्या…. बीते 24 घंटों में सामने आए 316 कोरोना मरीज…. 4 मरीजों की मौत
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article State Level Medical Oxygen Control Room for the easy delivery and transport of oxygen…. District level control room will also be created ऑक्सीजन के सुलभ वितरण व परिवहन के लिए बना राज्य स्तरीय मेडिकल ऑक्सीजन कंट्रोल कक्ष…. जिला स्तरीय कंट्रोल कक्ष भी बनेगा
Next Article The MLA wrote a letter to the Collector: This thing about the salary of contract workers being quarantined कोविड 19 के संक्रमण को देखते हुए विधायक देवेंद्र ने की पहल… पीएससी परीक्षा की तिथि बढ़ाने सीएम बघेल से की मांग

Ro.No.-13784/19

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?