भिलाई। दुर्ग पुलिस द्वारा आमलोगों को नए अपराधिक कानूनों की जानकारी देने जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार को पुलिस कंट्रोर रूम सेक्टर-6 में स्टूडेंट्स और आम लोगों के लिए जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भिलाई के अलग अलग स्कूलों से लगभग 300 स्टूडेंट्स व अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के विनोद कुजूर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सत्र न्यायाधीश के विनोद कुजूर व्दारा भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के प्रावधानों से अवगत कराया गया। नवीन आपराधिक कानून के अन्तर्गत बच्चों एवं महिलाओं के विरूद्ध अपराध से निपटने के लिए शामिल किए गए धाराओं की विशेषताओं से भी अवगत कराया गया।प्रधान जिला न्यायाधीश ने नवीन कानून के प्रावधानों को लेकर विस्तार से जानकारी देते हुए प्रदर्शनी के लिए दुर्ग पुलिस की सराहना की।

एसएसपी विजय अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि नवीन आपराधिक कानून अब दण्डात्मक के स्थान पर न्यायवरक एवं सुधारात्मक है, कानून में न्याय को प्राथमिकता दी गई है, नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है। इसी के साथ त्रिनयन एप एवं समाधान एप के संबंध में जानकारी देकर इमरजेंसी नम्बर से भी छात्र-छात्राओं को अवगत कराया गया ।
कार्यक्रम में मौजूद सीजेएम भूपेश बसंत ने नवीन प्रावधानों की जानकारी देते हुए सायबर क्राइम से बचने के लिए आवश्यक उपाय बताए। कार्यशाला के दौरान ही उपस्थित छात्र-छात्राओं को कण्ट्रोल रूम परिसर में नवीन आपराधिक कानूनों की लगाई गई प्रदर्शनी का भ्रमण कराकर विस्तार से जानकारी दी गई एवं कण्ट्रोल रूम का भ्रमण भी कराया गया। उक्त कार्यशाला में उमेश कुमार सचिव विधिक सेवा समिति, एएसपी सुखनंदन राठौर, एएसपी ग्रामीण अभिषेक झा, एएसपी आईयूसीएडब्ल्यू पदमश्री तंवर, डीएसपी वैजयंती माला तिग्गा, सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी आदि उपस्थित रहे।




