रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले हो गई है। शुक्रवार को सीएम भूपेश बघेल की केबिनेट ने सरकारी कर्मियों का महंगाई भत्ता 5 फीसदी बढ़ाने का निर्णय लिया। कैबिनेट के निर्णय के बाद छत्तीसगढ वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। जारी के आदेश के अनुसार मंहगाई भत्ते में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद अब शासकीय कर्मचारियों को मिलेगा 38 प्रतिशत मंहगाई भत्ता मिलेगी।

वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य शासन के कर्मचारियों को माह 1 अक्टूबर 2022 से सातवें वेतनमान में 33% की दर से तथा छठवें वेतनमान में 201% की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। 5 फीसदी वृद्धि के बाद सातवें वेतनमान में 38% की दर से तथा छठवें वेतनमान में 11 फीसदी की वृद्धि के बाद 212% की दर से महंगाई भत्ता दिया जाएगा। बढ़े हुए महंगाई भत्ते की राशि का दिनांक 1 जुलाई 2023 से नगद भुगतान किया जाएगा। महंगाई भत्ते की गणना मूल वेतन के आधार पर की जाएगी। इसमें विशेष वेतन, व्यक्तिगत वेतन शामिल नहीं होगा।
आदेश में यह भी कहा गया कि महंगाई भत्ते का कोई भी भाग मूलभूत नियम 9 ( 21 ) के अंतर्गत वेतन नहीं माना जायेगा। महंगाई भत्ते के कारण किये जाने वाले भुगतान में 50 पैसे अथवा उससे अधिक पैसे हों तो, उन्हें अगले उच्चतर रुपयो में पूर्णकिंत किया जाएगा और 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जाएगा। ये आदेश यूजीसीएआईसीटीई तथा कार्यभारित तथा आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारी की सेवा के सदस्यों पर भी लागू होंगे।




