नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत में कोरोना वायरस के मामले में पिछले 30 दिनों में वृद्धि देखी गई। लेकिन अब संक्रमण की रफ्तार में कमी देखी जा रही है। इस महीने संक्रमण की रफ्तार गिरकर 92 फीसदी हो गई है, जो 18 सितंबर तक 42 फीसदी थी। इस तरह एक महीने के भीतर संक्रमण की रफ्तार में 50 फीसदी की गिरावट हुई है। यही नहीं रोजना सामने आने वाले मामलों में भी तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। लगभग दो माह बाद देश में कोरोना संक्रमण का दैनिक आंकड़ा 50 हजार से कम रहा। यह गिरावट देश के सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ कुछ राज्यों में भी देखी गई है। छत्तीसगढ़ में इस दौरान सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है, जहां प्रतिशत प्वाइंट (पीपी) में 291 तक की गिरावट हुई है।
कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में हाल के दिनों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को कोरोना के 46,791 नए मामले सामने आए, जो हाल के दिनों में संक्रमितों की सबसे कम संख्या है। वहीं देश में वायरस से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी जारी है, जो 67 लाख को पार कर गई है। दूसरी ओर कोविड-19 के चलते एक दिन में 587 लोगों की मौत हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 75,97,064 हो गई है। देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 7,48,538 हो गई है, जिसमें कल से 23,517 की गिरावट हुई है। कोरोना के सक्रिय मामलों और इस बीमारी से उबरने वाले मरीजों की संख्या के बीच अंतर बढ़कर लगभग 60 लाख हो गया है। अब तक देश में 67,33,329 लोगों ने वायरस को मात दी है और इलाज के बाद अस्पताल से घर लौटे हैं। वहीं कोविड-19 के चलते अब तक 1,15,197 लोगों की मौत हुई है।

इस प्रकार रहा कोरोना संक्रमण के गिरावट का दर
18 अगस्त से 18 अक्टूबर की अवधि के बीच के आंकड़ों को देखें तो पिछले महीने छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामलों में 97 फीसदी की वृद्धि देखी गई। जबकि 18 अगस्त से 18 सितंबर के बीच छत्तीसगढ़ में कोविड-19 के मामलों में 388 फीसदी की वृद्धि हुई। लेकिन अब राज्य में तेजी से गिरावट देखी जा रही है। इसी प्रकार पंजाब (132 पीपी की गिरावट), ओडिशा (109 पीपी की गिरावट), उत्तर प्रदेश (78 पीपी की गिरावट) और हरियाणा (76 पीपी की गिरावट) शामिल हैं। कोरोना से चार सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में आंध्र प्रदेश ऐसा राज्य है, जहां 70 पीपी की गिरावट देखी गई है। आंध्र प्रदेश के बाद कर्नाटक (56 पीपी की गिरावट) और महाराष्ट्र (53 पीपी की गिरावट) में कोरोना मामलों में गिरावट देखी गई है। वहीं, तमिलनाडु में कोरोना मामलों में 22 पीपी की गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी तरफ, केरल एक ऐसा राज्य रहा, जहां इस अवधि में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। राजधानी दिल्ली में दो महीने की इस अवधि में 16 पीपी की गिरावट दर्ज की गई है। ऐसा ही हाल, राजस्थान (18 पीपी की गिरावट) और बिहार (27 पीपी की गिरावट) का रहा।




