रायपुर। केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में छत्तीसगढ़ के लिए कर हस्तांतरण, अनुदान और पूंजीगत सहायता के रूप में रिकॉर्ड वित्तीय प्रावधान किए हैं, जिससे राज्य के बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और सामाजिक क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से छत्तीसगढ़ बीते एक दशक में समावेशी और संतुलित विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ा है। बजट 2026-27 के प्रावधानों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के लिए 50,427 करोड़ का कर हस्तांतरण प्रस्तावित किया गया है।

इसके साथ ही, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 15,000 करोड़ का अनुदान निर्धारित किया गया है। वर्ष 2014 से 2026 की अवधि में राज्य को कुल 3.17 लाख करोड़ कर हस्तांतरण तथा 1.14 लाख करोड़ अनुदान के रूप में प्रदान किए गए हैं, जो पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। पूंजीगत व्यय को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्यों को विशेष सहायता योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 50 वर्षों की अवधि के लिए ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिसका पूरा ब्याज भार केंद्र सरकार वहन कर रही है। इस योजना के तहत वर्ष 2020-21 से जनवरी 2026 तक छत्तीसगढ़ को कुल 9,459 करोड़ की सहायता प्रदान की गई है। यह सहायता वित्त आयोग की सिफारिशों से अतिरिक्त है और राज्य में अवसंरचना निर्माण को सशक्त आधार प्रदान कर रही है।
सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। अप्रैल 2014 से अब तक राज्य में 3,389 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर-विशाखापत्तनम तथा दुर्ग-रायपुर-आरंग ग्रीनफील्ड कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, भारतमाला परियोजना के प्रथम चरण में 571 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोरों के विकास को ₹17,411 करोड़ की अनुमानित लागत के साथ स्वीकृति प्रदान की गई है। रायपुर-रांची राष्ट्रीय उच्च गति कॉरिडोर के अंतर्गत पत्थलगांव-गुमला चार लेन खंड को भी मंजूरी दी गई है। हवाई संपर्क के क्षेत्र में क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़ान’ के तहत अंबिकापुर, जगदलपुर और बिलासपुर हवाई अड्डों का संचालन प्रारंभ किया गया है। रायपुर हवाई अड्डे को कृषि उड़ान योजना में शामिल किए जाने से किसानों को अपने कृषि उत्पादों के त्वरित और सुगम परिवहन की सुविधा मिल रही है।
ऊर्जा क्षेत्र में 1,600 मेगावाट क्षमता वाली अंतर-क्षेत्रीय ईस्ट-वेस्ट ग्रिड इंटरकनेक्शन परियोजना के शुभारंभ से राज्य की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। शिक्षा के क्षेत्र में 29 जिलों में 130 प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया विद्यालयों का लोकार्पण किया गया है तथा रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र की स्थापना की गई है। तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के स्थायी परिसर का उद्घाटन किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत राज्य के 9 जिलों में 50-बेड वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉकों की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही, केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में पाँच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति प्रदान की गई है।
जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य के करोड़ों नागरिकों को सीधा लाभ मिला है। छत्तीसगढ़ में 1.86 करोड़ से अधिक प्रधानमंत्री जन धन योजना खाते, 2.43 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत कार्ड, 41 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल कनेक्शन, 38 लाख से अधिक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत एलपीजी कनेक्शन तथा 201 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त, 25.1 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत सहायता दी जा रही है। केंद्रीय बजट 2026-27 के ये प्रावधान छत्तीसगढ़ को कनेक्टिविटी, अवसंरचना और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में निर्णायक कदम हैं और राज्य को विकसित भारत के संकल्प में सशक्त भागीदार बना रहे हैं।




