जशपुर। मुंबई की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी प्रोटेक्शन मनी की डिमांड का मामला सामने आया है। जशपुर के एक इंजीनियर से 20 लाख रुपए लेवी के तौर पर मांगे गए। इंजीनियर की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू की। लंबी तलाश के बाद पुलिस ने झारखंड से दो कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। झारखंड पुलिस के सहयोग से दोनों को गिरफ्तार कर छत्तीसगढ़ लाया गया। मंगलवार को इस पूरे मामले का एसपी जशपुर ने खुलासा किया। मामला कुनकुरी थाना क्षेत्र का है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार लगभग एक सप्ताह पहले 23 जुलाई को फिकरो राम यादव ने कुनकुरी थाना पहुंचकर बताया कि एक अज्ञात मोबाईल नंबर से उसे फोन आया। कॉलर ने बोला कि तुम्हारा बेटा कुनकुरी PHE विभाग में इंजीनियर है और काफी झोल कर रहा है। वो बहुत बड़ा इंजिनियर है, 20 लाख रुपए जमा करो नहीं तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे। प्राथी की शिकायत के बाद पुलिस ने धारा 384, 506, 120बी के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान सायबर सेल जशपुर के मदद से अज्ञात फोन एवं नम्बर की पतासाजी की गई। उक्त नंबर झारखण्ड के कुरडेग क्षेत्र के गांव गडियाजोर निवासी सूरज यादव नाक का युवक का है। इसके बाद पुलिस ने पर गडियाजोर में सूरज यादव के घर पर रेड़ की। सूरज यादव को हिरासत में लेकर फोन जब्त किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसके साथी प्रहलाद सिंह ने अपने नम्बर से उसके फोन में सिमकार्ड डालकर इंजिनियर उत्पल यादव से 20 लाख रुपए की डिमांड की। इसके बाद पुलिस ले गांव जपकाकोना से प्रहलाद सिंह को भी गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पूरी कार्रवाई में प्रशिक्षु डीएसपी भानु प्रताप चन्द्राकर, उप निरीक्षक एलआर चैहान थाना प्रभारी कुनकुरी, एएसआई जयनंदन मार्बल प्रधान आरक्षक मोहन बंजारे, राजेश कुजूर, आरक्षक प्रमोद रौतिया, अमित एक्का, पूनम यादव, चन्द्रशेखर बंजारे, संजय लकड़ा, चालक नरसिंह सोनवानी, संतु राम यादव आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आरोपियों को नक्सली कनेक्शन भी खुला
पूछताछ के दौरान पुलिस को प्रहलाद सिंह ने बताया कि सन् 2003 मे उसके गांव मे नक्सलियों का आना जाना था जिससे उसका परिचय उनसे हुआ। गांव मे नक्सलियों के लिये सूचना इक्ट्ठा करना, आवश्यक वस्तु उपलब्ध कराना आदि कार्य करता था। सन् 2004 में थाना कोलेबिरा जिला सिमडेगा (झारखंड) में इसके उपर धारा 307, 34, धारा 17 सीएलए एक्ट (नक्सली गतिविधियों में शामिल होने के कारण) का मामला दर्ज हुआ। 2008 में थाना जलडेगा जिला जिला सिमडेगा (झारखंड) में धारा 147, 148, 149, 347, 342, 324, 326, 307, 333, 353, 427, 120(बी) भा.द.वि. धारा 27 आर्म्स एक्ट धारा 17 सीएलए एक्ट का मामला दर्ज हुआ।
इतना ही नहीं 2018 में थाना केरसई जिला जिला सिमडेगा (झारखंड) में धारा 435, 34 के मामले में करंगागुड़ी मे रोड़ निर्माण मे लगे जेसीबी का लेवी न देने के कारण जला देने का मामला दर्ज हुआ। 2018 में ही थाना केरसई जिला सिमडेगा (झारखंड) में धारा 414, 34, धारा 25(1-बी), 26, 35 आर्म्स एक्ट का मामला भी दर्ज हुआ। आरोपी ने बातया कि जेल में रहने के दौरान उसकी पहचान सूरज यादव से हुई। सूरज यादव के उपर 2016 में थाना कुरडेग जिला सिमडेगा (झारखंड) में धारा 386, 387, 506 के तहत अपराध दर्ज हुआ था। 2018 में थाना केरसई जिला सिमडेगा (झारखंड) में धारा 385, 387 का अपराध व इसी साल थाना केरसई में धारा 25(1-बी) 26, 35 आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज हुआ। सूरज यादव क्षेत्र का शातिर बदमाश है।




