ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Breking News:_एमटीपी पर सुको का बड़ा फैसला: विवाहित व अविवाहित सभी महिलाओं को गर्भपात का अधिकार
Share
Notification Show More
Latest News
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग : उद्घाटन मुकाबले में न्यायधानी नाइट्स ने राजधानी रॉयल्स को 2-1 से हराया
October 23, 2026
युवा बड़े सपने देखें, अपनी सफलता को समाज और राष्ट्र की सेवा से जोड़ें: राष्ट्रपति मुर्मु
October 23, 2026
ओला के 3000 वाहनों का पंजीयन लंबित, परिवहन विभाग ने जारी किया नोटिस
October 22, 2026
माटी में रोजगार- प्रतिदिन 300 रुपए की मजदूरी से श्रमिक परिवारों को मिला मजबूत आर्थिक आधार, पलायन पर लगी रोक
October 22, 2026
राजनांदगांव एसपी अंकिता-शर्मा की बढ़ी मुश्किलें, फायरिंग मामले में PHQ ने मांगा स्पष्टीकरण
October 22, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsFeaturedNationalNewsOther

Breking News:_एमटीपी पर सुको का बड़ा फैसला: विवाहित व अविवाहित सभी महिलाओं को गर्भपात का अधिकार

By Om Prakash Verma Published September 29, 2022
Share
Breking News:_एमटीपी पर सुको को बड़ा फैसला: विवाहित व अविवाहित सभी महिलाओं को गर्भपात का अधिकार
Breking News:_एमटीपी पर सुको को बड़ा फैसला: विवाहित व अविवाहित सभी महिलाओं को गर्भपात का अधिकार
SHARE

नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने आज देश की सभी विवाहित व अविवाहित महिलाओं के लिए अहम फैसला दिया है। सभी महिलाओं को गर्भपात का अधिकार दे दिया, चाहें वो विवाहित हों या अविवाहित। इस ऐतिहासिक फैसले में शीर्ष कोर्ट ने कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) एक्ट के तहत 24 सप्ताह में गर्भपात का अधिकार सभी को है। इस अधिकार में महिला के विवाहित या अविवाहित होने से फर्क नहीं पड़ता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी महिला की वैवाहिक स्थिति को उसे अनचाहे गर्भ को गर्भपात के अधिकार से वंचित करने का आधार नहीं बनाया जा सकता है। अविवाहित और एकल महिलाओं को भी गर्भावस्था के 24 सप्ताह में उक्त कानून के तहत गर्भपात का अधिकार है।

ऐसे मामलों में गर्भपात अधिकार, दुष्कर्म में मैरिटल रेप भी शामिल
सुप्रीम कोर्ट गर्भपात को लेकर सुनाए गए अहम और बड़े फैसले में कहा है कि पति द्वारा किया जाने वाला दुष्कर्म ‘मैरिटल रेप’ की दशा में भी 24 सप्ताह की तय सीमा में पत्नी गर्भपात करा सकती है। मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के तहत इसे शामिल किया जाना चाहिए। यह अधिकार उन महिलाओं के लिए राहतकारी होगा, जो अनचाहे गर्भ को जारी रखने को मजबूर हैं।

पति की जगह पार्टनर का उपयोग किया था
शीर्ष अदालत ने यह भी नोट किया कि 2021 में एमटीपी एक्ट में किए गए संशोधन में अविवाहित महिला को भी शामिल करने के लिए पति के बजाय पार्टनर शब्द का इस्तेमाल किया गया था। अदालत ने कहा है कि संसदीय मंशा वैवाहिक संबंधों से उत्पन्न स्थितियों के लाभों को सीमित करने की नहीं थी। वास्तव में यह एक विधवा या तलाकशुदा महिला को 20-24 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति है।

समानता के अधिकार का उल्लंघन
यह ऐतिहासिक फैसला जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनाया। कोर्ट ने कहा कि उक्त कानून के नियम 3 बी के दायरे में एकल महिलाओं को शामिल करना अनुचित है। यह संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत सभी के समानता के मूल अधिकार का उल्लंघन है। अविवाहित और एकल महिलाओं को गर्भपात से रोकना और सिर्फ विवाहित महिलाओं को अनुमति देना संविधान में दिए गए नागरिकों के मूलभूत अधिकारों का हनन है।

सुप्रीम कोर्ट ने की एमटीपी अधिनियम की व्याख्या
जस्टिस चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने यह भी कहा कि उक्त कानून में वैवाहिक बलात्कार को भी शामिल माना जाना चाहिए। सुको ने अपने फैसले में एमटीपी अधिनियम की व्याख्या करते हुए यह व्यवस्था दी है। पीठ ने कहा कि उक्त कानून के उद्देश्यों को देखते हुए विवाहित और अविवाहित महिला के बीच का अंतर कृत्रिम है और इसे संवैधानिक रूप से कायम नहीं रखा जा सकता है। यह उस रूढि़वादिता को कायम रखने वाला है कि केवल विवाहित महिलाएं ही यौन संबंधों में लिप्त होती हैं।

25 वर्षीय युवती की याचिका पर सुनाया फैसला
शीर्ष अदालत ने महिला अधिकारों की दिशा में यह बड़ा फैसला एक 25 वर्षीय अविवाहित महिला की याचिका पर सुनाया। महिला ने कोर्ट से 24 सप्ताह के गर्भ को गिराने की इजाजत मांगी थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे इसकी इजाजत नहीं दी थी। यह युवती सहमति से सेक्स के चलते गर्भवती हुई थी। उसने शीर्ष कोर्ट से गर्भपात की इजाजत देने की गुहार लगाते हुए कहा था कि वह पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। उसके माता-पिता किसान हैं। उसके पास अपनी आजीविका चलाने के इंतजाम नहीं हैं, इसलिए वह पेट में पल रहे बच्चे का पालन-पोषण करने में असमर्थ रहेगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने 16 जुलाई के आदेश में युवती को 24 सप्ताह के भ्रुण को समाप्त करने की इजाजत इसलिए देने से इनकार कर दिया था कि वह सहमति से बनाए गए संबंध की देन था।

You Might Also Like

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग : उद्घाटन मुकाबले में न्यायधानी नाइट्स ने राजधानी रॉयल्स को 2-1 से हराया

युवा बड़े सपने देखें, अपनी सफलता को समाज और राष्ट्र की सेवा से जोड़ें: राष्ट्रपति मुर्मु

ओला के 3000 वाहनों का पंजीयन लंबित, परिवहन विभाग ने जारी किया नोटिस

माटी में रोजगार- प्रतिदिन 300 रुपए की मजदूरी से श्रमिक परिवारों को मिला मजबूत आर्थिक आधार, पलायन पर लगी रोक

राजनांदगांव एसपी अंकिता-शर्मा की बढ़ी मुश्किलें, फायरिंग मामले में PHQ ने मांगा स्पष्टीकरण

Om Prakash Verma September 29, 2022
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article Video : देखें कैसे सूधखोरों से तंग आकर युवक ने की खुदकुशी, एक लाख रुपए देकर वसूल लिए थे 7 लाख
Next Article लोगों ने सोचा मजाक कर रहा इधर सच में नशेड़ी ने लगा दी गहरे मुरुम खदान में छलांग, फिर जो हुआ… लोगों ने सोचा मजाक कर रहा इधर सच में नशेड़ी ने लगा दी गहरे मुरुम खदान में छलांग, फिर जो हुआ…

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?