बीजापुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एक दिन पहले 17 नक्सलियों के एनकाउंटर के बाद रविवार को बीजापुर जिले में 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें से 14 नक्सलियों पर कुल 68 लाख रुपए का इनाम था। सभी नक्सलियों ने राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हथियार डाल दिए। सुरक्षाबलों की इस सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बधाई दी है।
बीजापुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया, ‘उन्होंने माओवादी विचारधारा की खोखली और अमानवीयता, प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा आदिवासियों के शोषण और आंदोलन के भीतर पनप रहे मतभेदों का हवाला देते हुए आत्मसमर्पण किया। वे सुरक्षा बलों द्वारा शिविर लगाने और ‘निया नेल्लनार’ (आपका अच्छा गांव) योजना से भी प्रभावित हैं, जिसके तहत बल और प्रशासन दूरदराज के इलाकों में बुनियादी सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।’
एसपी जितेन्द्र यादव ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 50 लोगों में से छह पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम है, जिनमें से तीन पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम है। पांच पर एक-एक लाख रुपये का इनाम है। जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), सीआरपीएफ और इसकी विशिष्ट इकाई कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन) ने उनके आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।’
हमारी नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का परिणाम : सीएम साय
हमारी नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति – 2025 का परिणाम है कि बीजापुर जिले में कुल 50 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण किया जाना ऐतिहासिक है। इस महत्वपूर्ण कामयाबी के लिए सुरक्षाबलों को बहुत-बहुत बधाई। नक्सलवाद के कुचक्र में फंसे लोग अब बंदूक छोड़कर पुनः समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं, जो स्वागतेय है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद का खात्मा तय है। इसके तहत डबल इंजन की सरकार में प्रदेश में अब तक 2200 से ज्यादा नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है और आत्मसमर्पण किया है, साथ ही अब तक 350 से अधिक नक्सली मारे जा चुके हैं। बस्तर संभाग के सुदूर अंचलों में हमारी सरकार द्वारा लगातार नए सुरक्षा कैंप स्थापित करने, नियद नेल्ला नार योजना से सड़क निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से लोगों का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। हमारी सरकार, लाल आतंक का दामन छोड़ शांति के रास्ते पर लौटने वाले इन लोगों के पुनरुत्थान के लिए तत्पर है।
2024 में 792 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था
ताजा सफलताओं के साथ, इस साल अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में 134 नक्सलियों को मार गिराया गया है। उनमें से 118 बस्तर संभाग में समाप्त हुए। पुलिस के अनुसार, 2024 में सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में कुल 792 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था।




