ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: मोहला में फॉस्टर केयर से बालक को मिला नया परिवार, सुरक्षित भविष्य की नई शुरुआत
Share
Notification Show More
Latest News
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर के सीमावर्ती गांवों में सड़क संपर्क को मिल रही मजबूती
October 12, 2026
शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम साय, उत्कृष्ठ महिलाओं का किया सम्मान
October 12, 2026
स्वस्थ और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारी सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री साय
October 12, 2026
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आधुनिक पुलिसिंग को बढ़ावा, दुर्ग में थाना एवं ऑफिस रीडर्स को दी गई ट्रेनिंग
October 11, 2026
भिलाई में अगले महीने से दौड़ेंगी ई-बसें… 20 बसों के साथ होगी शुरूआत
October 11, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

मोहला में फॉस्टर केयर से बालक को मिला नया परिवार, सुरक्षित भविष्य की नई शुरुआत

By Poonam Patel Published August 27, 2026
Share
जिले का पहला सफल फॉस्टर केयर पुनर्वास बना बाल संरक्षण और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल
जिले का पहला सफल फॉस्टर केयर पुनर्वास बना बाल संरक्षण और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल
SHARE

रायपुर। बाल संरक्षण के क्षेत्र में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के संयुक्त प्रयासों से जिले में पहला सफल फॉस्टर केयर (पोषण देखरेख) पुनर्वास पूरा किया गया है। इसके तहत एक बालक को संस्थागत देखरेख से निकालकर सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है। यह पहल बाल अधिकारों के संरक्षण और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए वैकल्पिक देखरेख व्यवस्था की प्रभावशीलता का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।

रेस्क्यू से पुनर्वास तक प्रशासन ने निभाई संवेदनशील भूमिका

कलेक्टर तनुजा सलाम के निर्देशन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी के मार्गदर्शन में 1 जून से 30 जून 2026 तक विकट परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों के रेस्क्यू और पुनर्वास के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान श्रम विभाग, पुलिस विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने एक स्थानीय ढाबे से बालक का रेस्क्यू किया। जांच में पता चला कि बालक के माता-पिता तथा दादा-दादी का निधन हो चुका है। इसके बाद बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर तत्काल संरक्षण के लिए बालगृह भेजा गया।

बालक की इच्छा को दिया गया सम्मान

बालगृह में काउंसलिंग के दौरान बालक ने संस्थागत वातावरण के बजाय पारिवारिक वातावरण में रहने की इच्छा व्यक्त की। उसकी इच्छा और भावनात्मक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन एवं बाल संरक्षण इकाई ने फॉस्टर केयर के माध्यम से उसे परिवार का स्नेह और संरक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास शुरू किए। जिला बाल संरक्षण इकाई के सामाजिक कार्यकर्ता एवं संरक्षण अधिकारी (गैर-संस्थागत देखरेख) ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन अल्टरनेटिव केयर (इंडिया), दुर्ग संभाग के समन्वय से बालक के दूर के रिश्तेदारों से संपर्क किया। काउंसलिंग के बाद रिश्तेदारों ने बालक को अपने परिवार में रखने और उसके उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी उठाने पर सहमति जताई।

पात्रता और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिला पारिवारिक आश्रय

बाल संरक्षण इकाई द्वारा संभावित पोषण परिवार का गृह अध्ययन, साक्षात्कार और पात्रता सत्यापन किया गया। बालक का आधार कार्ड बनवाने सहित आवश्यक दस्तावेजी एवं विधिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत बाल कल्याण समिति की अनुशंसा और जिला प्रशासन के अनुमोदन के बाद बालक को विधिवत पोषण परिवार के सुपुर्द किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में बालक के सर्वाेत्तम हित और सुरक्षित भविष्य को प्राथमिकता दी गई।

नए परिवार में मिल रहा स्नेह और शिक्षा का अवसर

फॉस्टर केयर के माध्यम से अब बालक को संस्थागत जीवन के स्थान पर अपने परिवार का स्नेह, अपनापन और सुरक्षा मिल रही है। वर्तमान में वह अपने नए परिवार के साथ सुरक्षित एवं खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहा है। पोषण परिवार उसकी दैनिक आवश्यकताओं के साथ शैक्षणिक जरूरतों का भी ध्यान रख रहा है। बालक अब नियमित रूप से स्कूल जा रहा है और पारिवारिक छत्रछाया में अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए है। उसके जीवन में आया यह बदलाव बताता है कि संवेदनशील प्रयासों और सही वैकल्पिक देखरेख व्यवस्था के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को बेहतर भविष्य की राह दिखाई जा सकती है।

You Might Also Like

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर के सीमावर्ती गांवों में सड़क संपर्क को मिल रही मजबूती

शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम साय, उत्कृष्ठ महिलाओं का किया सम्मान

स्वस्थ और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारी सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री साय

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आधुनिक पुलिसिंग को बढ़ावा, दुर्ग में थाना एवं ऑफिस रीडर्स को दी गई ट्रेनिंग

भिलाई में अगले महीने से दौड़ेंगी ई-बसें… 20 बसों के साथ होगी शुरूआत

Poonam Patel August 27, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article राखी पर बहनों की तरक्की की मिसाल बनीं लखपति दीदियां विष्णु भैया की सरकार में ‘बिहान‘ से मिला स्वरोजगार का नया अवसर
Next Article धनपुर की पुरातात्विक धरोहरों को मिलेगा संरक्षण और संवर्धन का नया आधार, विशेषज्ञ दल ने किया सर्वेक्षण

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?