पटना (एजेंसी)। बिहार में राजनीतिक दलों ने कोविड-19 और बाढ़ के कारण राज्य में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव स्थगित करने का अनुरोध किया है। शनिवार को जहां राज्य में कोरोना संक्रमितों के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए वहीं लगभग पांच मिलियन (50 लाख) लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
कुछ दिनों पहले चुनाव आयोग ने बिहार में राजनीतिक दलों से मौजूदा स्थिति के मद्देनजर चुनाव कराने के बारे में सुझाव मांगे थे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को छोड़कर सभी प्रमुख दलों ने राज्य विधानसभा चुनाव स्थगित करने के लिए कहा है।
इन राजनीतिक दलों (सात राष्ट्रीय और 43 क्षेत्रीय) ने 31 जुलाई की निर्धारित समयसीमा तक आयोग के पैनल को अपना जवाब भेज दिया है। भाजपा की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) ने भी चुनाव आयोग से कहा है कि राज्य में मौजूदा चुनौतीपूर्ण स्थिति में चुनाव नहीं होने चाहिए।
कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पहले ही चुनाव स्थगित करने की मांग कर चुके हैं। वहीं भाजपा और जदयू का कहना है कि वे तैयार हैं और इसका फैसला उन्होंने चुनाव आयोग पर छोड़ दिया है। बिहार में अक्तूबर-नवंबर में चुनाव होने की संभावना है। भाजपा और जदयू को छोड़कर ज्यादातर राजनीतिक दलों ने चुनाव संबंधी काम शुरू नहीं किया है।
इसी बीच शनिवार को राज्य में कोविड-19 मामलों में सबसे ज्यादा वृद्धि देखी गई। बिहार में संक्रमण के 3,521 नए मामले सामने आए जबकि 14 मरीजों ने वायरस की वजह से जान गंवा दी। मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बिहार के स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा, ‘शनिवार को 3,521 नए मामले दर्ज किए गए। 31 जुलाई को 2,502 और 30 जुलाई को 1,019 नमूनों की जांच हुई। इसके साथ ही राज्य में संक्रमितों की संख्या 54,508 हो गई। इसमें से 18,722 सक्रिय मामले हैं।Ó इसके अलावा राज्य बाढ़ का प्रकोप भी झेल रहा है। राज्य के 14 जिले बाढ़ की चपेट में हैं।
बिहार: पार्टियों का आयोग को पत्र, कोरोना, बाढ़ के कारण चुनाव स्थगित करने की मांग की




