ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: बिहान योजना से मिला आर्थिक संबल, 50 हजार रुपये के ऋण से मिली आत्मनिर्भरता की राह
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
AmbikapurBreaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

बिहान योजना से मिला आर्थिक संबल, 50 हजार रुपये के ऋण से मिली आत्मनिर्भरता की राह

By Poonam Patel
Published: November 7, 2026
Share
सशक्त नारी की मिसाल रुकमनिया, सब्जियों की खेती से बनीं लखपति दीदी
सशक्त नारी की मिसाल रुकमनिया, सब्जियों की खेती से बनीं लखपति दीदी
SHARE

अम्बिकापुर। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल लखपति दीदी बन रही हैं बल्कि अपनी आजीविका के नए साधन भी विकसित कर रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन की जनहितैषी योजनाओं से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के साथ उनके आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता को नई दिशा दे रहा है। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत दमोहकुड़ की रुकमनियां ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से यह साबित किया है कि अवसर और सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। कभी मजदूरी पर निर्भर रहने वाली आज सब्जियों की खेती से तीन लाख रुपये से अधिक तक की आमदनी अर्जित कर लखपति दीदी के  रूप में अपनी पहचान बना रहीं हैं।

आर्थिक निर्भरता से आत्मनिर्भरता तक का सफर

गुलाब महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष मुना रुकमनिया के जीवन में बिहान योजना से जुड़ने के बाद सकारात्मक बदलाव आया। पहले वे मजदूरी कर परिवार की आजीविका चलाती थीं। सीमित आय के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें 50 हजार रुपये का ऋण मिला, जिससे उन्होंने तीन एकड़ भूमि में सब्जियों की खेती शुरू की। वर्तमान में वे खीरा, टमाटर, मटर, गोभी, मिर्च और करेला सहित विभिन्न सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं। खेती में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें तीन लाख रुपये तक की आमदनी हुई। इससे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई, बल्कि स्वयं के निर्णय से आजीविका आगे बढ़ाने का उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

समूह की शक्ति से मिली नई पहचान

रुकमनिया बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक सहायता के साथ अन्य महिलाओं का सहयोग और मार्गदर्शन भी मिला। समूह की दीदियां समय-समय पर खेती के बेहतर तरीकों की जानकारी देती हैं, जिन्हें अपनाकर वे अपने कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। सामूहिक सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने लखपति दीदी के रूप में पहचान बनाई है।

कभी 10-12 हजार रुपये कमाना भी था मुश्किल, आज तीन लाख तक पहुंची आमदनी

अपनी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए रुकमनिया बताती हैं कि पहले 10 से 12 हजार रुपये की आमदनी जुटाना भी मुश्किल होता था। आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण बड़े स्तर पर खेती करने के बारे में सोच भी नहीं पाती थीं। लेकिन शासन की सहायता से आज वे अपनी खेती संभाल रही हैं और परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की मदद से ही वे आगे बढ़ सकी हैं। आज लखपति दीदी बनकर उन्हें खुशी और गर्व महसूस हो रहा है।

सशक्त महिलाएं बन रहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ताकत

रुकमनिया की सफलता महिला सशक्तिकरण की उस बदलती तस्वीर को सामने लाती है, जिसमें ग्रामीण महिलाएं अब केवल परिवार की जिम्मेदारियां निभाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वयं आय अर्जित कर परिवार की आर्थिक प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।

23 जनवरी को कोलकाता जाएंगे पीएम मोदी…. पराक्रम दिवस समारोह को करेंगे संबोधित
पहले केंचुओं को देखकर डर लगता था, लेकिन अब तो ये मेरे घर के सदस्य हैं: उर्वशी एवं संगीता
हेरिटेज वॉक: केपीएस के युवा पर्यटन क्लब के सदस्यों ने जाना रायपुर का इतिहास
छत्तीसगढ़ में फिर फूटा कोरोना बम: पिछले 24 घंटों मेें मिले 107 नए मरीज, संक्रमितों का आंकड़ा पहुंचा 2134 तक
झाड़-फूंक के नाम पर 1.50 लाख की ठगी, महिला को कमरे में बुलाकर उतरवाए कपड़े, पति के कनपटी पर बंदूक तानकर मांगे 5 लाख
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article छत्तीसगढ़ में कोचिंग सेंटरों के लिए बनेगा नया कानून, विद्यार्थियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर रहेगा फोकस
Next Article जज के खिलाफ एफआईआर पड़ा भारी, बिलासपुर में थाना प्रभारी पर गिरी गाज

Ro.No.-14150/37

× Popup Image

Ro. No.-14093/2

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?