पटना। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अब नौकरी के बदले जमीन वाले मामले में मुश्किल बढ़ गई है। इस मामले में अब सीबीआई को जांच करने की इजाजत मिल गई है। लगभग 15 साल पुराने मामले में सीबीआई की एंट्री से लालू यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। यह मामला तब का है जब लालू यादव रेल मंत्री हुआ करते थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने जमीन के बदले नौकरी देने का काम किया। इस मामले में पहले भी कई बार छापेमारी की जा चुकी है।

आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने पटना के 12 लोगों को ग्रुप डी में चुपके से नौकरी दी और उनसे अपने परिवार के लोगों के नाम पटना में जमीनें लिखवा लीं। दावा है कि लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और हेमा यादव के नाम प्लॉट्स की रजिस्ट्री कराई गई और जमीन की मामूली कीमत नकद में चुकाई गई। उधर रेलवे में जिन पदों पर भर्ती हुई, उसका न तो विज्ञापन निकाला गया और न ही सेंट्रल रेलवे को सूचना दी गई। इस मामले में सीबीआई ने 18 मई 2022 को भ्रष्टाचार निरोधक कानून और आईपीसी की धारा 120बी के तहत एफआईआर दर्ज की थी। जिसमें लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव समेत उन 12 लोगों को भी आरोपी बनाया है।




