ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Big Breking:_ सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, शैक्षणिक संस्थानों को है यूनिफॉर्म निर्धारित करने का अधिकार
Share
Notification Show More
Latest News
नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई, हेरोइन के साथ पकड़ाई महिला, 22 लाख का मशरुका बरामद
September 20, 2026
धमतरी के 97 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने रंगों और शब्दों में उकेरी ‘मेरे सपनों के भारत’ की स्वर्णिम तस्वीर
September 20, 2026
अमानक ‘एनालॉग पनीर’ के विरुद्ध धमतरी में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई
September 20, 2026
मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी से की सौजन्य भेंट
September 20, 2026
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर सरकार की त्वरित कार्रवाई, अवैध रेत परिवहन पर कसा शिकंजा
September 20, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsFeaturedNationalNews

Big Breking:_ सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, शैक्षणिक संस्थानों को है यूनिफॉर्म निर्धारित करने का अधिकार

By @dmin Published September 15, 2022
Share
सुप्रीम कोर्ट की फटकार- यह राष्ट्रीय राजधानी का हाल है, कल्पना कीजिए हम दुनिया को क्या संकेत दे रहे हैं
Big Breking:_ सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, शैक्षणिक संस्थानों को है यूनिफॉर्म निर्धारित करने का अधिकार
SHARE

नई दिल्ली (एजेंसी)। शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध मामले पर आज भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि नियम कहते हैं कि शैक्षणिक संस्थानों को यूनिफॉर्म निर्धारित करने का अधिकार है। हिजाब अलग है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई सोमवार (19 सितंबर) को जारी रहेगी।

कपड़े नहीं पहनने का अधिकार भी अस्तित्व में होगा…
कर्नाटक सरकार के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले याचिकाकर्ताओं से कहा था कि अगर संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत कपड़े पहनने के अधिकार को पूर्ण मौलिक अधिकार के रूप में दावा किया जाता है, तो कपड़े नहीं पहनने का अधिकार भी अस्तित्व में होगा। इस दौरान अदालत ने कहा था कि कुतर्क और अतार्किक दलीलों से मामले के अंत पर नहीं पहुंचा जा सकता है। इनकी एक सीमा होती है। 

इसी तरह एक सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि सिखों के कृपाण और पगड़ी की हिजाब से कोई तुलना नहीं है क्योंकि  सिखों के लिए पगड़ी और कृपाण पहनने की अनुमति है। न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने ये टिप्पणी की थी। एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील निजामुद्दीन पाशा ने कृपाण और पगड़ी और हिजाब के बीच समानता लाने की कोशिश की थी।

वकील की दलील, हिजाब मुस्लिम लड़कियों की धार्मिक प्रथा का हिस्सा
वकील पाशा ने कहा था कि हिजाब मुस्लिम लड़कियों की धार्मिक प्रथा का हिस्सा है और पूछा कि क्या लड़कियों को हिजाब पहनकर स्कूल आने से रोका जा सकता है। उन्होंने आगे तर्क दिया कि सिख छात्र भी पगड़ी पहनते हैं। पाशा ने जोर देकर कहा कि सांस्कृतिक प्रथाओं की रक्षा की जानी चाहिए। इस पर न्यायमूर्ति गुप्ता ने कहा कि सिखों के साथ तुलना उचित नहीं हो सकती है क्योंकि कृपाण ले जाने को संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त है। इसलिए प्रथाओं की तुलना न करें। जस्टिस गुप्ता ने कहा कि पगड़ी पर वैधानिक आवश्यकताएं बताई गई हैं और ये सभी प्रथाएं देश की संस्कृति में अच्छी तरह से स्थापित हैं।

You Might Also Like

नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई, हेरोइन के साथ पकड़ाई महिला, 22 लाख का मशरुका बरामद

धमतरी के 97 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने रंगों और शब्दों में उकेरी ‘मेरे सपनों के भारत’ की स्वर्णिम तस्वीर

अमानक ‘एनालॉग पनीर’ के विरुद्ध धमतरी में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई

मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी से की सौजन्य भेंट

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर सरकार की त्वरित कार्रवाई, अवैध रेत परिवहन पर कसा शिकंजा

@dmin September 15, 2022
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article खेल प्रतिभाओं को तराशने की पहल, अलग-अलग वार्डों में तैयार हो रहे खेल मैदान
Next Article खेल प्रतिभाओं को तराशने रिसाली निगम कराएगा खेल महोत्सव का आयोजन, संवारे जाएंगे खेल मैदान

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?