प्रयागराज। 17 साल पुराने उमेश पाल अपहरण केस में आज प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने अतीक अहमद समेत 3 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपहरण के इस मामले में अतीक के अलावा हनीफ, दिनेश पासी को भी दोषी पाया है । वहीं अतीक के भाई अशरफ सहित 7 को बरी कर दिया गया।

बता दें 2005 में हुए राजूपाल हत्याकांड में उमेश पाल मुख्य गवाह था। गवाही न देने के लिए अतिक अहमद व उसके गुर्गों ने उसका किडनैप कर काफी टॉर्चर किया था। एसपी की सरकार होने के कारण उमेश पाल चुप रहा लेकिन जैसे ही बसपा की सरकार आई अतिक पर कार्रवाई शुरू हो गई। करीब एक माह पहले 24 फरवरी राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल व उसके दो गनर की बीच सड़क पर गोली मारकर हत्या कर दी है। इस लिहाज से भी यह फैसला अहम माना जा रहा था। बहरहाल अतिक अहमद को अभी केवन उमेश पाल के अपहरण के मामले में सजा मिली है। इसके जुर्म की फेहरिस्त काफी लंबी है। करीब 100 मामले इस पर दर्ज हैं। राजू पाल हत्याकांड व हाल का उमेश पाल हत्याकांड भी इसमें शामिल हैं।
अतीक अहमद को सुप्रीम कोर्ट से झटका
प्रयागराज कोर्ट के फैसले से अतीक अहमद को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। अतीक के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अतिक अहमद को जान का खतरा बताया था। वकील ने कोर्ट से सुरक्षा की मांग की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अतीक को जेल लाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुरक्षा देने से इनकार किया और हाईकोर्ट जाने कहा।




