ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Bhilai Politics: नाराज कार्यकर्ताओं को साधने भाजपा ने निकाला बीच का रास्ता, अब सीधे दिल्ली से घोषित नहीं होंगे प्रत्याशी
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeaturedPolitics

Bhilai Politics: नाराज कार्यकर्ताओं को साधने भाजपा ने निकाला बीच का रास्ता, अब सीधे दिल्ली से घोषित नहीं होंगे प्रत्याशी

By Om Prakash Verma
Published: August 29, 2023
Share
Bhilai Politics: नाराज कार्यकर्ताओं को साधने भाजपा ने निकाला बीच का रास्ता, अब सीधे दिल्ली से घोषित नहीं होंगे प्रत्याशी
Bhilai Politics: नाराज कार्यकर्ताओं को साधने भाजपा ने निकाला बीच का रास्ता, अब सीधे दिल्ली से घोषित नहीं होंगे प्रत्याशी
SHARE

भिलाई (श्रीकंचनपथ न्यूज़)। बिना कार्यकर्ताओं को विश्वास में लिए सीधे दिल्ली से प्रत्याशी घोषित करने को लेकर भाजपा में आंतरिक बवाल मच गया है। अब तक पार्टी द्वारा घोषित 21 सीटों में से कई सीटों पर कार्यकर्ताओं ने खुलकर नाराजगी जाहिर की है, इससे भाजपा आलाकमान के कान खड़े हो गए हैं। पता चला है कि पार्टी में उठने वाले बवंडर को थामने के लिए ही प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पर्यवेक्षक भेजने का निर्णय लिया गया। बताते हैं कि अब भाजपा ने सीधे प्रत्याशी घोषित करने से तौबा कर ली है। निर्णय लिया गया है कि पर्यवेक्षकों द्वारा दी गई रिपोर्ट को भी अब पार्टी महत्वपूर्ण मानेगी। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब भाजपा आलाकमान ने कार्यकर्ताओं की रायशुमारी के बिना सिर्फ सर्वे की रिपोर्टों के आधार पर प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की थी। पार्टी के ही भीतर इस पहली सूची को अविश्वास की नजरों से देखा जा रहा है।

भाजपा द्वारा 21 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के बाद कुछ विधानसभा क्षेत्रों से अंतरकलह सामने आई है। इसे खत्म करने के लिए चुनाव प्रभारी ओम माथुर ने एक नया फार्मूला निकाला है। हर सीट पर दावेदारों से पूछा जा रहा है कि अगर आपको टिकट नहीं दी जाती है तो आप किसे ठीक मानते हैं। वो जिस भी नाम को बता रहे हैं उसे शार्टलिस्ट किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो पांचों सर्वे में भी अगर वह नाम है तो उसे टिकट मिलने की संभावना सबसे अधिक होगी। ऐसे में कोई भी उस उम्मीदवार का विरोध नहीं कर पाएगा। जो भी पदाधिकारी उस उम्मीदवार का नाम नहीं दे रहे हैं, उन्हें भी चिन्हित किया जा रहा है। बाद में उनसे वजह भी पूछी जाएगी कि आपने उम्मीदवार को बेहतर क्यों नहीं माना। चुनाव प्रभारी ओम माथुर छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। तीन दिन पहले उन्होंने पर्यवेक्षकों को हर सीट पर जाने को कहा और विधानसभा क्षेत्र में पदाधिकारियों की बैठक लेकर उम्मीदवारों के नाम लाने की जिम्मेदारी दी है। आनन-फानन में सरगुजा संभाग की 9 सीटों को छोड़कर 60 सीटों के लिए 38 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई। शनिवार को 60 सीटों पर पर्यपेक्षक पहुंचे। उन्होंने सबसे चर्चा कर उस विधानसभा में तीन-तीन नाम का पैनल बनाया है। बाकी बचे नामों को भी शार्टलिस्ट किया गया है। इसके अलावा सरगुजा संभाग की 9 सीटों पर ओम माथुर, नितिन नबीन ने खुद वन टू वन किया।

छत्तीसगढ़ में पहली बार ऐसा हुआ है कि हर विधानसभा सीट पर पर्यवेक्षकों की बैठक में तीनों सत्र के संगठन पदाधिकारियों को बुलाया गया है। पहले केवल वर्तमान पदाधिकारियों को बुलाकर ही बैठक की जाती थी। बताया जा रहा है कि एक-एक बैठक में 70-80 पदाधिकारी पहुंच रहे हैं। मंडल, जिले के पदाधिकारियों के अलावा पार्षद और विधानसभा कोर कमेटी भी उपस्थित रह रही है। रविवार को पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट ओम माथुर को सौंप दी है। सोमवार को माथुर ने सभी पर्यवेक्षकों के साथ बैठक कर 69 सीटों पर मंथन किया। बताया जा रहा है दूसरी सूची के लिए पैनल भी तैयार है। पर्यवेक्षकों के सुझाव के बाद इसमें परिवर्तन हो सकता है।

किसी की नहीं चल रही
भाजपा में इस बार किसी भी क्षत्रप की नहीं चल रही है। पांच तरह के सर्वे किये गए हैं। हर सर्वे एजेंसी से तीन-तीन नामों का पैनल मांगा गया है। संभाग प्रभारियों से भी हर विधानसभा के तीन प्रबल उम्मीदवारों के नाम मांगे गए हैं। अब पर्यवेक्षकों से भी तीन नाम मांग जाएंगे। जो नाम कॉमन होगा उसके बारे में अलग से खुफिया एजेंसियों से जांच करवाई जाएगी। अगर वह जिताऊ कैंडिडेट होगा तो उसे टिकट दी जाएगी। सूची में एक नाम कॉमन मिलता है, लेकिन पर्यवेक्षकों के पैनल में वह नाम नहीं होगा तो उस सीट पर दोबारा सर्वे करवाया जाएगा।

CG Breaking : मां बम्लेश्वरी का दर्शन कर लौट रहे थे घर, रास्ते में जल गई कार… बाल-बाल बचा परिवार
शराब से भरा ट्रक पलटा: बोतलों के टूटने से बहती रही दारू, लोगों के लुटने से पहले पहुंची पुलिस
छत्तीसगढ़ में शुरू हुई ई-ऑक्शन प्रणाली, सीएम साय व केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने किया शुभारंभ… जानिए इसकी खास बातें
अच्छी खबरों का असर, सुपेला में टीका लगवाने पहुँचे व्यक्ति ने इंग्लैंड सफलता की कहानी साझा की, कहा, इंग्लैंड में लोगों ने टीके लगवाये तो कोरोना केस कई गुने घटे, यहाँ भी सभी टीका लगवाने आगे बढ़ें तो कोरोना होगा खत्म
राजस्थान को कोयले की आपूर्ति में निर्धारित प्रक्रिया का किया जाएगा पालन, आदिवासी लोगों के अधिकारों से नहीं होगा समझौता-भूपेश बघेल
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article छात्राओं ने CM को खून से लिखी चिट्ठी : कहा- प्रिंसिपल छेड़छाड़ करता है… हम सब आपकी बेटियां, हमें न्याय दीजिए
Next Article gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी Gustakhi Maaf: महंगाई पर सवाल किया तो लगे बगले झांकने

Ro. No.-13759/19

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?