नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना वायरस से संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में 89.51 फीसदी संक्रमित लोग अब ठीक हो चुके हैं। अभी कुल 9.24 फीसदी सक्रिय मामले हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में कहा कि अगर हम नए मामलों को देखें तो पता चलता है कि पिछला उच्चतम आंकड़ा पार हो चुका है और इसमें लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। यह चिंता का विषय है।
भूषण ने बताया कि आज सुबह 11 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ वैक्सीन की उपयोग के लिए बची खुराकों की संख्या एक करोड़ 67 लाख 20 हजार से अधिक है। इस महीने अप्रैल अंत तक वैक्सीन की दो करोड़ एक लाख 22 हजार 960 खुराकें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे साफ होता है कि मुद्दा बेहतर प्लानिंग का है न कि वैक्सीनों की कमी का।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि अगर हम कोरोना संक्रमण के चलते रोज होने वाली मौतों को देखें तो इसमें भी तेजी दिख रही है। हालांकि, पिछली लहर का उच्चतम आंकड़ा 1114 था और वर्तमान में 879 मौतें दर्ज हुई हैं। उन्होंने बताया कि देश में 1.25 फीसदी कोरोना मरीजों की मौत हुई है। छत्तीसगढ़ में कोरोना की स्थिति को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि यहां साप्ताहिक सकारात्मकता करीब डेढ़ फीसदी से बढ़ रही है, यह 27.9 फीसदी से बढ़ कर करीब 28 फीसदी पर पहुंच गई है। मंत्रालय ने कहा कि यह एक गंभीर चिंता का विषय है।
महाराष्ट्र में जांच की रफ्तार जरूरत से कम
महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की स्थिति को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि यहां सप्ताह दर सप्ताह दैनिक मामलों की संख्या बढ़ रही है और 57 हजार से अधिक के स्तर पर पहुंच गई है। जांचों की संख्या बढ़ रही है लेकिन औतस दैनिक मामलों के मुकाबले यह कम है। अगर आरटी-पीसीआर जांच की स्थिति देखें तो इसमें कमी देखने को मिली है।
पिछले 24 घंटों में लगे 40 लाख से अधिक टीके
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि मंगलवार की सुबह आठ बजे तक देश में कोरोना रोधी वैक्सीन की 10.85 करोड़ से अधिक खुराकें लगाई जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में 40 लाख से अधिक वैक्सीन की खुराकें लोगों को दी गई हैं।
केरल में कोरोना वैक्सीन की बर्बादी है शून्य
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि अभी तक केंद्र की ओर से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को वैक्सीन की 13 करोड़ 10 लाख 90 हजार खुराकें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर केरल जैसे राज्य हैं जहां वैक्सीन की बर्बादी शून्य है वहीं कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां यह दर आठ से नौ फीसदी तक है। भूषण ने कहा कि अगर बर्बाद वैक्सीन को लेते हुए वैक्सीन की खपत को देखें को राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 11.43 करोड़ खुराकें इस्तेमाल कर चुके हैं।





